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Tuesday, February 01, 2011

तू दर्दे-दिल को आईना बना लेती तो अच्छा था



प्रतियोगिता की आठवीं रचना भी एक ग़ज़ल है। रचनाकार वसीम अकरम नवंबर माह के यूनिकवि रह चुके हैं।

पुरस्कृत रचना: गज़ल

तू दर्दे-दिल को आईना  बना लेती  तो  अच्छा था
मोहब्बत की कशिश दिल में सजा लेती तो अच्छा था

बचाने के लिए तुम खुद को आवारा-निगाही से
निगाहे-नाज को खंजर बना लेती तो अच्छा था

तेरी पलकों के गोशे में कोई आंसू जो बख्शे तो
उसे तू खून का दरिया बना लेती तो अच्छा था

सुकूं मिलता जवानी की तलातुम-खेज मौजों को
किसी का ख्वाब आंखों में बसा लेती तो अच्छा था

ये चाहत है तेरी मरजी, मुझे  चाहे न चाहे तू
हां, मुझको देखकर तू मुस्कुरा देती तो अच्छा था

तुम्हारा हुस्ने-बेपर्दा  कयामत-खेज है कितना
किसी के इश्क को पर्दा बना लेती तो अच्छा था

तेरी निगहे-करम के तो दिवाने हैं सभी लेकिन
झुका पलकें किसी का दिल चुरा लेती तो अच्छा था

किसी के इश्क में आंखों से जो बरसात होती है
उसी बरसात में तू भी नहा लेती तो अच्छा था

तेरे जाने की आहट से किसी की जां निकलती है
खुदारा तू किसी की जां बचा लेती तो अच्छा था.
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पुरस्कार -   विचार और संस्कृति की चर्चित पत्रिका समयांतर की एक वर्ष की निःशुल्क सदस्यता।

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13 कविताप्रेमियों का कहना है :

आकर्षण गिरि का कहना है कि -

तुम्हारा हुस्ने-बेपर्दा कयामत-खेज है कितना
किसी के इश्क को पर्दा बना लेती तो अच्छा था

किसी के इश्क में आंखों से जो बरसात होती है
उसी बरसात में तू भी नहा लेती तो अच्छा था


bahut umdaaaa.... laajwaab...
aakarshan

शारदा अरोरा का कहना है कि -

badhiya gazal hai

‘सज्जन’ धर्मेन्द्र का कहना है कि -

सुंदर ग़ज़ल। बधाई

www.navincchaturvedi.blogspot.com का कहना है कि -

भाई वसीम अकरम जी उम्दा दर्जे की आला रिवायती ग़ज़ल पेश की है आपने| हर शे'र दाद का हकदार है| बधाई स्वीकार करें बन्धुवर|

रंजना का कहना है कि -

खूबसूरत ग़ज़ल !!!

www.navincchaturvedi.blogspot.com का कहना है कि -

आज के प्रासंगिक विषय का चुनाव उत्तम है अनिल जी| दमदार प्रस्तुति|

सदा का कहना है कि -

बहुत ही सुन्‍दर ।

punita singh का कहना है कि -

vaseem ji bahut achchee lagee aapkee kavitaa.shbdo kaa abhaav ho rahaa hai.gazal kee har laain,har shabd bahuta umdaa hai.kisee ke aakhon men ishk kee barasaat hotee hai--- sabase jyaadaa man ko chu gayee.badhaai.

punita singh का कहना है कि -
This comment has been removed by the author.
Unknown का कहना है कि -

bhaut umda ash"ar HAIN, MUBARK.
MANOJ MANU.

Hindi Sahitya का कहना है कि -

Kya Gazal Hai


by
Hindi Sahitya
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Anonymous का कहना है कि -

speech less gazal, bahut sundar shabd hain ji

adidas nmd का कहना है कि -

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