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Tuesday, January 12, 2010

याद का जब भी कबूतर निकला


प्रतियोगिता की नवीं कविता एक गज़ल है, जिसे लिखा है हिन्द-युग्म से बहुत लम्बे समय से जुड़ीं युवा कवयित्री अनुराधा शर्मा ने।

पुरुस्कृत कविता: ग़ज़ल

जिस्म से रूह को ले कर निकला....
याद का जब भी कबूतर निकला.....

मुझको तोड़ा गया सच कहने पर,
आईने जैसा मुक़द्दर निकला....

झील के जैसा लगा, था मुझको,
छू के देखा तो समंदर निकला.....

उन निगाहों मे नशा कितना है,
हर दफ़ा पहले से बढ़कर निकला.....

इश्क़ का शहर अजब है मौला,
जो मिला हमको वो बेघर निकला,....

हमला करता था अंधेरे में,
धूप मे आँख चुरा कर निकला....

ताजपोशी में, कुंवर से कहना,
बीरबल से ही था, अकबर निकला....

हाथ फिर वो ना आ पाया, मेरे,
ख्वाब चादर से जो बाहर निकला....

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पुरस्कार- विचार और संस्कृति की मासिक पत्रिका 'समयांतर' की ओर से पुस्तक/पुस्तकें।

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11 कविताप्रेमियों का कहना है :

शारदा अरोरा का कहना है कि -

बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल ,भाव की दृष्टि से अनूठी

श्याम सखा 'श्याम' का कहना है कि -

दाद के काबिल गज़ल बधाई

हृदय पुष्प का कहना है कि -

जिस्म से रूह को ले कर निकला....
याद का जब भी कबूतर निकला.....
झील के जैसा लगा, था मुझको,
छू के देखा तो समंदर निकला.....
प्रत्येक शेर बेजोड़ हर द्रष्टि से काबिले तारीफ़ ग़ज़ल.

akhilesh का कहना है कि -

झील के जैसा लगा, था मुझको,
छू के देखा तो समंदर निकला.....


behtreen hai ..

badhayee...

manu का कहना है कि -

हमला करता था अंधेरे में,magar
धूप मे आँख चुरा कर निकला....


बहुत सुंदर ग़ज़ल.

हाथ फिर वो n mere aa payaa..
ख्वाब चादर से जो बाहर निकला....

rachana का कहना है कि -

ताजपोशी में, कुंवर से कहना,
बीरबल से ही था, अकबर निकला....
bahut khoob
झील के जैसा लगा, था मुझको,
छू के देखा तो समंदर निकला.....
sunder
aap ki puri gazal bahut achhhi hai
badhai
rachana

csmann का कहना है कि -

kyaa khoobsoorat matla'a hai'saarii ghazal hi khoobsoorat hai

हमला करता था jo अंधेरे में,
धूप मे आँख चुरा कर निकला

manu का कहना है कि -

ek hi baat hai

Dipak 'Mashal' का कहना है कि -

kabilegaur hai ye gazal.... khoobsoorati se panne pe ukeri gayi..
Jai Hind...

Ravi Kant का कहना है कि -

मनु जी
एक ही बात नहीं है।
"जो" नहीं होने से बह्र ग़लत हो जाती है। शायद टाइपिंग की ग़लती है।

ग़ज़ल बहुत ही ख़ूबसूरत है। अनु जी दाद क़ुबूलें।
अनमोल

Deepali Sangwan का कहना है कि -

beautiful..shaandar gazal..

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