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Tuesday, December 02, 2008

दिसम्बर माह की यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता का हिस्सा बनिए


यूनिकोड (हिन्दी) के प्रयोग के प्रचार-प्रसार हेतु हिन्द-युग्म विगत् २ वर्षों से प्रत्येक माह यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। जिसके माध्यम से १० कवियों और ४ पाठकों को पुरस्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। अभी कल ही पाठक नये यूनिकवि और यूनिपाठिका से परिचित हो चुके हैं। दिसम्बर २००८ की यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की जाती हैं-

यूनिकवि बनने के लिए-

१) अपनी कोई मौलिक तथा अप्रकाशित कविता १५ दिसम्बर २००८ की मध्यरात्रि तक hindyugm@gmail.com पर भेजें।

(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं।)

२) कोशिश कीजिए कि आपकी रचना यूनिकोड में टंकित हो।
यदि आप यूनिकोड-टाइपिंग में नये हैं तो आप हमारे निःशुल्क यूनिप्रशिक्षण का लाभ ले सकते हैं।

३) परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, इतना होने पर भी आप यूनिकोड-टंकण नहीं समझ पा रहे हैं तो अपनी रचना को रोमन-हिन्दी ( अंग्रेजी या इंग्लिश की लिपि या स्क्रिप्ट 'रोमन' है, और जब हिन्दी के अक्षर रोमन में लिखे जाते हैं तो उन्हें रोमन-हिन्दी की संज्ञा दी जाती है) में लिखकर या अपनी डायरी के रचना-पृष्ठों को स्कैन करके हमें भेज दें। यूनिकवि बनने पर हिन्दी-टंकण सिखाने की जिम्मेदारी हमारे टीम की।

४) एक माह में एक कवि केवल एक ही प्रविष्टि भेजे।

यूनिपाठक बनने के लिए

चूँकि हमारा सारा प्रयास इंटरनेट पर हिन्दी लिखने-पढ़ने को बढ़ावा देना है, इसलिए पाठकों से हम यूनिकोड ( हिन्दी टायपिंग) में टंकित टिप्पणियों की अपेक्षा रखते हैं। टायपिंग संबंधी सभी मदद यहाँ हैं।

१) १ दिसम्बर २००८ से ३१ दिसम्बर २००८ के बीच की हिन्द-युग्म पर प्रकाशित अधिकाधिक प्रविष्टियों पर हिन्दी में टिप्पणी (कमेंट) करें।

२) टिप्पणियों से पठनीयता परिलक्षित हो।

३) हमेशा कमेंट (टिप्पणी) करते वक़्त समान नाम या यूज़रनेम का प्रयोग करें।

४) हिन्द-युग्म पर टिप्पणी कैसे की जाय, इस पर सम्पूर्ण ट्यूटोरियल यहाँ उपलब्ध है।

कवियों और पाठकों को निम्न प्रकार से पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा-


१) यूनिकवि को रु ६०० का नकद ईनाम, रु १०० की पुस्तकें और एक प्रशस्ति-पत्र।

२) यूनिपाठक को रु ३०० का नकद ईनाम, रु २०० की पुस्तकें और एक प्रशस्ति-पत्र।

३) एक से चौथे स्थान के पाठकों को कवि गोपाल कृष्ण भट्ट 'आकुल' द्वारा संपादित हाडौती के जनवादी कवियों की प्रतिनिधि कविताओं का संग्रह 'जन जन नाद' की एक-एक प्रति।

४) दूसरे से दसवें स्थान के कवियों को कवि गोपाल कृष्ण भट्ट 'आकुल' द्वारा संपादित हाडौती के जनवादी कवियों की प्रतिनिधि कविताओं का संग्रह 'जन जन नाद' की एक-एक प्रति।

प्रतिभागियों से भी निवेदन है कि वो समय निकालकर यदा-कदा या सदैव हिन्द-युग्म पर आयें और सक्रिय कवियों की रचनाओं को पढ़कर उन्हें सलाह दें, रास्ता दिखायें और प्रोत्साहित करें।

प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले सभी 'नियमों और शर्तों' को पढ़ लें।

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

2 कविताप्रेमियों का कहना है :

संजीव सलिल का कहना है कि -

आत्मीय!
वंदे-मातरम.
यूनिकवि एवं यूंनिपाठक के साथ यूनीसमीक्षक का भी चयन किया जाना प्रारम्भ कर सकें तो पाठकों में गंभीरता से पढने, समझने और मूल्यांकन करने की प्रवृत्ति का विकास होगा. विचार करें.
- संजिव्सलिल.ब्लागस्पाट.कॉम / सलिल.संजीव@ जीमेल.कॉम

Hindustani का कहना है कि -

युनिकोड पर वेबसाईट देखा . अच्छा लगा
देखे मेरा भी ब्लाग

http://unicodehindi.blogspot.com

या

www.ucohindi.co.nr
पर

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