वर्ष २००८ का लगभग सारा समय आतंकवाद के साये में बीता है। ऐसा लगता है कि भारत में यदि कोई बात आम है तो वो है कहीं बम फटना, कहीं गोली चलना तो कहीं दंगे फैलना। इस नई सदी में पूरी दुनिया ने आतंकवाद का भयावह चेहरा देखा है। कौन है इसका जिम्मेदार? हम, सरकार या हमारा तंत्र? कब थमेगा आदमी से आदमी का यह हिंसक संग्राम?
इसी विषय पर यानी आतंकवाद पर इस रविवार ३० नवम्बर २००८ को हम एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि वैश्विक पहुँच वाले इस टूल (इंटरनेट) का इस्तेमाल हम वैचारिक मंथन कर सकें और किसी निष्कर्ष पर पहुँच सकें। परिचर्चा रविवार ३० नवम्बर २००८ को भारतीय समयानुसार सुबह १० बजे से १२ तक स्काइपी पर आयोजित होगी। स्काइपी का इस्तेमाल बहुत आसान है। स्काइपी का इस्तेमाल कैसे करें?-पर संपूर्ण ट्यूटोरियल यहाँ उपलब्ध है। स्काइपी पर अपना खाता बनाकर हिन्द-युग्म की स्काइपी आईडी hindyugm को खुद से जोड़ें।
परिचर्चा में ज़रूर भाग लें। कृपया नीचे के फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर अपना पंजीकरण करा लें।
परिचर्चा-संचालकः डॉ॰ श्याम सखा 'श्याम'
तकनीकी-सहयोगः तपन शर्मा






