मार्च 2010 की यूनिकवि प्रतियोगिता की दूसरी कविता अतुल चतुर्वेदी की है। अतुल चतुर्वेदी की कविता ने फरवरी महीने की प्रतियोगिता में भी दूसरा स्थान बनाया था।
पुरस्कृत कविताः खुद्दार किसान का अन्तर्द्वन्द्व
मैंने नहीं मांगी तुमसे दया
दिशा या दृष्टि नहीं मांगी
नहीं चाहा चलना
तुम्हारे सुझाए रास्तों पर
तुम्हारे उपदेशों को भी नहीं सुनना चाहता था मैं
मुझे चिढ़ थी
अनुकरणों से
उदाहरणों से
मैं बोना चाहता था
स्वयं के पसीने का बीज
उद्यम की धरती उर्वरा बनाना चाहता था
मुझे नहीं चाहिए थीं नगदी फसलें
मैं तो ज्वार-बाजरा उगाना चाहता था
मुझे नहीं फिराने थे
सहायता के ट्रैक्टर
मुझे तो पुरुषार्थ के हल चलाने थे
मुझे इंतजार नहीं था मेघों का
मैं स्वयं श्रम का जल बन
पसरना चाहता था
फसलों की नसों में
मिट्टी में
तुम्हारी आँखों में
सच पूछो तो मुझे आज भी नफरत है
ऋण लेने से
और जिंदगी से गहरा प्यार है
लेकिन यही है मुसीबत है इन दिनों
कि किसान जीवन ऋण बिना सधता नही
और खाली पेट प्यार पनपता नही
मैं दोनों में से किसे साधूँ
जिंदगी से अपने प्यार को
या तिल-तिल बढ़ते उधार को
खुलकर चिल्लाऊँ
या मुँह ढाँप सो जाऊँ
नए मुआवजे की प्रतीक्षा में
पुरस्कार- विचार और संस्कृति की मासिक पत्रिका 'समयांतर' की ओर से पुस्तक/पुस्तकें।




फरवरी माह की यूनिकवि प्रतियोगिता की दूसरी कविता इस प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा ले रहे अतुल चतुर्वेदी की है। 31 जुलाई 1965 को मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) में जन्मे अतुल ’राजस्थान में समकालीन हिन्दी व्यंग्य’ विषय पर शोधरत कर रहे हैं। हिन्दी व्याख्याता के पद पर राजसेवा में कार्यरत अतुल का एक कविता संग्रह (एक टुकड़ा धूप- 1998) तथा दो व्यंग्य संग्रह (गणतंत्र बनाम चेंपा-2005, घोषणाओं का वसंत- 2009) प्रकाशित हैं। राजस्थान पत्रिका, दैनिक नवज्योति, साहित्य अमृत, जनसत्ता, अहा! जिन्दगी, नई दुनिया सण्डे, दैनिक भास्कर, आजकल, इतवारी पत्रिका, नवभारत टाइम्स, ब्लिटज, सरिता, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, अमर उजाला, वर्तमान साहित्य, मधुमती, वागर्थ, इन्टरनेट पत्रिका अनुभूति एवं अभिव्यक्ति आदि पत्र-पत्रिकाओं में अनेक व्यंग्य एवं कई कविताएँ तथा आलेख निरंतर प्रकाशित। आकाशवाणी केन्द्र-कोटा, आकाशवाणी केन्द्र-जयपुर, जयपुर दूरदर्शन से निरन्तर प्रसारण। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘‘काव्य मधुबन’’ के अध्यक्ष, विकल्प, भारतेन्दु समिति, राजस्थान साहित्य अकादमी के प्रतिनिधि व्यंग्य संग्रह ‘‘रेत के रंग’’ में शामिल। शिक्षा विभाग राजस्थान के काव्य संकलनों 1997, 1998 में शामिल। मदर इण्डिया अकेडमी द्वारा श्रेष्ठ युवा साहित्यकार के रूप में तथा डॉ0 रतन लाल शर्मा स्मृति सम्मान-03 से सम्मानित।

