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Sunday, January 09, 2011

जनवरी 2011 की युनिप्रतियोगिता मे भाग लीजिये


हिंद-युग्म की मासिक यूनिप्रतियोगिता एक और पड़ाव पार कर 2011 मे प्रवेश कर रही है । जनवरी 2007 से आरंभ हुए कविता के इस मासिक आयोजन का यह 49वाँ संस्करण है।  विगत माहो की तरह जनवरी 2011 माह के लिये  हम यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित करते हैं।सभी प्रतिभागियों और पाठकों का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन इस प्रतियोगिता की उपलब्धि है।

प्रतियोगिता के पुरस्कार मे इस बार परिवर्तन किया गया है। जनवरी माह के यूनिकवि को हिंद-युग्म से सद्यप्रकाशित सुधीर गुप्ता ’चक्र’ के नये काव्य-संग्रह ’उम्मीदें क्यों’ की प्रति तथा प्रशस्तिपत्र भेंट किया जायेगा। जबकि शीर्ष दस के अन्य कवियों को हिंद-युग्म प्रकाशन की पुस्तकें दी जायेंगी।  प्रतियोगिता द्वारा चयनित यूनिकवि को हिंद-युग्म के वार्षिकोत्सव मे विख्यात साहित्यकार के द्वारा सम्मानित भी किया जायेगा।


जनवरी 2011 का यूनिकवि बनने के लिए-

1) अपनी कोई मौलिक तथा अप्रकाशित कविता 17 जनवरी 2011 की मध्यरात्रि तक hindyugm@gmail.com पर भेजें।

(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं।)

2) कोशिश कीजिए कि आपकी रचना यूनिकोड में टंकित हो। यदि आप यूनिकोड-टाइपिंग में नये हैं तो आप हमारे निःशुल्क यूनिप्रशिक्षण का लाभ ले सकते हैं।

3) परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, इतना होने पर भी आप यूनिकोड-टंकण नहीं समझ पा रहे हैं तो अपनी रचना को रोमन-हिन्दी ( अंग्रेजी या इंग्लिश की लिपि या स्क्रिप्ट 'रोमन' है, और जब हिन्दी के अक्षर रोमन में लिखे जाते हैं तो उन्हें रोमन-हिन्दी की संज्ञा दी जाती है) में लिखकर या अपनी डायरी के रचना-पृष्ठों को स्कैन करके हमें भेज दें। यूनिकवि बनने पर हिन्दी-टंकण सिखाने की जिम्मेदारी हमारे टीम की। आप किसी अन्य फॉन्ट में भी अपनी कविता टंकित करके भेज सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि रचना word, wordpad या पेजमेकर में हो, पीडीएफ फाइल न भेजें, साथ में इस्तेमाल किये गये फॉन्ट को भी ज़रूर भेजें।

4) एक माह में एक कवि केवल एक ही प्रविष्टि भेजे।



यूनिपाठक बनने के लिए

चूँकि हमारा सारा प्रयास इंटरनेट पर हिन्दी लिखने-पढ़ने को बढ़ावा देना है, इसलिए पाठकों से हम यूनिकोड (हिन्दी टायपिंग) में टंकित टिप्पणियों की अपेक्षा रखते हैं। टाइपिंग संबंधी सभी मदद यहाँ हैं।

1) 1 जनवरी 2011 से 31 जनवरी 2011 के बीच की हिन्द-युग्म पर प्रकाशित अधिकाधिक प्रविष्टियों पर हिन्दी में टिप्पणी (कमेंट) करें।

2) टिप्पणियों से पठनीयता परिलक्षित हो।

3) हमेशा कमेंट (टिप्पणी) करते वक़्त एक समान नाम या यूज़रनेम का प्रयोग करें।

4) हिन्द-युग्म पर टिप्पणी कैसे की जाय, इस पर सम्पूर्ण ट्यूटोरियल यहाँ उपलब्ध है।


कवियों और पाठकों को निम्न प्रकार से पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा-

1) यूनिकवि को सुधीर गुप्ता ’चक्र’ के नये काव्य-संग्रह ’उम्मीदें क्यों’ की प्रति। हिन्द-युग्म की ओर से प्रशस्ति-पत्र। यूनिकवि को हिन्द-युग्म के वर्ष 2011 के वार्षिकोत्सव में प्रतिष्ठित साहित्यकारों के हाथों सम्मानित किया जायेगा।

2) यूनिपाठक को हिंद-युग्म प्रकाशन से पुस्तकें और हिन्द-युग्म की ओर से प्रशस्ति-पत्र।

3) दूसरे से दसवें स्थान के कवियों हिंद-युग्म प्रकाशन से पुस्तकें।

प्रतिभागियों से यह भी अनुरोध है कि पिछले महीनों मे भेजी गयी अपनी किसी प्रविष्टि को दोबारा प्रतियोगिता के लिये न भेजें। कवि-लेखक प्रतिभागियों से भी निवेदन है कि वो समय निकालकर यदा-कदा या सदैव हिन्द-युग्म पर आयें और सक्रिय लेखकों की प्रविष्टियों को पढ़कर उन्हें सलाह दें, रास्ता दिखायें और प्रोत्साहित करें।

प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले सभी 'नियमों और शर्तों' को पढ़ लें।

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कविताप्रेमी का कहना है :

Navin C. Chaturvedi का कहना है कि -

माननीय विद्वतजन

सादर नमस्कार| एक और नयी प्रतियोगिता की सूचना देने के लिए सहृदय आभार| इस बार भी आप लोगों द्वारा आयोजित इस साहित्यिक महायज्ञ में अपनी आहुति देने का प्रयास अवश्य करना चाहूँगा| पठनीयता का क्रम बना के रख पाने में थोड़ा असमर्थ रहा हूँ, आगे प्रयास रहेगा कि इस कमी को भी दूर कर सकूँ|

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