फटाफट (25 नई पोस्ट):

Sunday, October 03, 2010

46वीं यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता में भाग लें


हिन्द-युग्म अक्टूबर 2010 की यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित करता है। यह इस प्रतियोगिता का 46वाँ आयोजन है। प्रतियोगिता की लोकप्रियता इसमे भाग लेने वाले प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या और उनके जोश से परिलक्षित होती है। बहुत से गैर हिन्दी भाषी कवि और पाठक भी इस आयोजन का हिस्सा रहे हैं।

प्रतियोगिता के विजेताओं को विचार एवं संस्कृति की चर्चित पत्रिका ’समयांतर’ की एक वर्ष की निःशुल्क सदस्यता दी जायेगी। प्रतियोगिता द्वारा चयनित यूनिकवि को हिंद-युग्म के वार्षिकोत्सव मे विख्यात साहित्यकार के द्वारा सम्मानित भी किया जायेगा।


अक्टूबर 2010 का यूनिकवि बनने के लिए-

1) अपनी कोई मौलिक तथा अप्रकाशित कविता 15 अक्टूबर 2010 की मध्यरात्रि तक hindyugm@gmail.com पर भेजें।

(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं।)

2) कोशिश कीजिए कि आपकी रचना यूनिकोड में टंकित हो। यदि आप यूनिकोड-टाइपिंग में नये हैं तो आप हमारे निःशुल्क यूनिप्रशिक्षण का लाभ ले सकते हैं।

3) परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, इतना होने पर भी आप यूनिकोड-टंकण नहीं समझ पा रहे हैं तो अपनी रचना को रोमन-हिन्दी ( अंग्रेजी या इंग्लिश की लिपि या स्क्रिप्ट 'रोमन' है, और जब हिन्दी के अक्षर रोमन में लिखे जाते हैं तो उन्हें रोमन-हिन्दी की संज्ञा दी जाती है) में लिखकर या अपनी डायरी के रचना-पृष्ठों को स्कैन करके हमें भेज दें। यूनिकवि बनने पर हिन्दी-टंकण सिखाने की जिम्मेदारी हमारे टीम की। आप किसी अन्य फॉन्ट में भी अपनी कविता टंकित करके भेज सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि रचना word, wordpad या पेजमेकर में हो, पीडीएफ फाइल न भेजें, साथ में इस्तेमाल किये गये फॉन्ट को भी ज़रूर भेजें।

4) एक माह में एक कवि केवल एक ही प्रविष्टि भेजे।



यूनिपाठक बनने के लिए

चूँकि हमारा सारा प्रयास इंटरनेट पर हिन्दी लिखने-पढ़ने को बढ़ावा देना है, इसलिए पाठकों से हम यूनिकोड (हिन्दी टायपिंग) में टंकित टिप्पणियों की अपेक्षा रखते हैं। टाइपिंग संबंधी सभी मदद यहाँ हैं।

1) 1 अक्टूबर 2010 से 31 अक्टूबर 2010 के बीच की हिन्द-युग्म पर प्रकाशित अधिकाधिक प्रविष्टियों पर हिन्दी में टिप्पणी (कमेंट) करें।

2) टिप्पणियों से पठनीयता परिलक्षित हो।

3) हमेशा कमेंट (टिप्पणी) करते वक़्त एक समान नाम या यूज़रनेम का प्रयोग करें।

4) हिन्द-युग्म पर टिप्पणी कैसे की जाय, इस पर सम्पूर्ण ट्यूटोरियल यहाँ उपलब्ध है।


कवियों और पाठकों को निम्न प्रकार से पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा-

1) यूनिकवि को समयांतर की एक वर्ष की मुफ्त सदस्यता। हिन्द-युग्म की ओर से प्रशस्ति-पत्र।
यूनिकवि को हिन्द-युग्म के वर्ष 2010 के वार्षिकोत्सव में प्रतिष्ठित साहित्यकारों के हाथों सम्मानित किया जायेगा।

2) यूनिपाठक को समयांतर की 12 महीने की मुफ्त सदस्यता और हिन्द-युग्म की ओर से प्रशस्ति-पत्र।

3) दूसरे से दसवें स्थान के कवियों को तथा दूसरे से चौथे स्थान के पाठकों को समयांतर की 12 महीनों की निःशुल्क सदस्यता।

प्रतिभागियों से यह भी अनुरोध है कि पिछले महीनों मे भेजी गयी अपनी किसी प्रविष्टि को दोबारा प्रतियोगिता के लिये न भेजें। कवि-लेखक प्रतिभागियों से भी निवेदन है कि वो समय निकालकर यदा-कदा या सदैव हिन्द-युग्म पर आयें और सक्रिय लेखकों की प्रविष्टियों को पढ़कर उन्हें सलाह दें, रास्ता दिखायें और प्रोत्साहित करें।

प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले सभी 'नियमों और शर्तों' को पढ़ लें।

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

5 कविताप्रेमियों का कहना है :

निर्मला कपिला का कहना है कि -

इस जानकारी के लिये धन्यवाद। बहुत बढिया प्रयास है। धन्यवाद।

sada का कहना है कि -

बहुत ही सुन्‍दर एवं सार्थक प्रयास है, जिसकी जानकारी के लिये आपका बहुत-बहुत आभार, आयोजन के लिये शुभकामनायें ।

जितेन्द्र ‘जौहर’ Jitendra Jauhar का कहना है कि -

आज के इस भाँजू, या यूँ कहें कि वाचाल दौर में जिस ख़ामोशी के साथ आप न केवल हिन्दी-सेवा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं,बल्कि कविता के रूप में मानवीय संवेदनाओं के स्वरों को भी प्रश्रय दे रहें।

यक़ीनन, आज नहीं तो कल... समाज आपके इस अवदान का प्रतिदान अवश्य देगा... तथास्तु! आमीन! So be it!

Mohd Noor Uddin का कहना है कि -

How to join Unique Kavi 46

maharaj singh का कहना है कि -

यूनिकवि प्रतियोगिता में बहुत दिन से भाग लेने की इच्छा थी परन्तु तरीका समझ में नहीं आया . अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है .

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)