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Tuesday, August 12, 2008

रिश्तों के तानेबाने में होगा अगस्त 2008 का काव्य-पल्लवन


अगस्त २००८ माह के काव्य-पल्लवन के लिए हम 'रिश्ते' विषय पर कविताएँ, पेंटिंग, फोटोग्राफ्स इत्यादि आमंत्रित करते हैं। इस विषय पर उपर्युक्त सामग्री २५ अगस्त २००८ तक kavyapallavan@gmail.com पर भेजें। कविता, पेंटिंग या फोटोग्राफ्स का मौलिक तथा अप्रकाशित होना आवश्यक है।

यह ध्यान रखें कि ब्लॉग, वेबसाइट, ग्रुप, कम्यूनिटी, पत्र-पत्रिका इस्यादि में प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित कहलायेंगी और उन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा।

इस बार के काव्य-पल्लवन के लिए हमें ढेरों विषय प्राप्त हुए जिसमें से 'आज़ादी' विषय को कइयों ने चुना भी, लेकिन चूँकि यह अंक २८ अगस्त २००८ को प्रकाशित होना है अतः हमसे इस मामले में देरी हो गई। यद्यपि 'आज़ादी' को हम बहुत बड़े संदर्भ में देख सकते हैं। इसे कभी और करा लेना भी ठीक रहेगा। अतः दूसरा विषय लेना, ज्यादा प्रासंगिक लगा।

यह विषय किसी 'HC' नाम के पाठक का है, जिन्होंने परिचय हमें नहीं दिया है। इनके अतिरिक्त हमें डॉ॰ शीला सिंह, संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी, निखिल आनंद गिरि, स्मार्ट इंडियन, सीमा सचदेव, शशिकांत, अरविन्द, मृदुल कीर्ति, ब्रह्मनाथ तिवारी 'अंजान' , सुरेन्दर अभिन्न, प्रदीप मनौरिया, शैफाली शर्मा, नीरा राजपाल, प्रेम सहजवाला ने हमें अपने-अपने विषय भेजे। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

काव्य-पल्लवन के विषय में अधिक जानकारी और पुराने अंक पढ़ने के लिए निम्न लिंक देखें-

पुराने विशेषांक

काव्य-पल्लवन क्या है?
अंक-१
अंक-२
अंक-३
अंक-४
अंक-५
अंक-६
अंक-७
अंक-८
अंक-९
अंक-१०
अंक-११
अंक-१२
अंक-१३
अंक-१४
अंक-१५ (पहली कविता विशेषांक)
अंक-१६ (महँगाई)

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कविताप्रेमी का कहना है :

sahil का कहना है कि -

sunder vishay.
alok singh "sahil"

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