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Saturday, July 05, 2008

जुलाई माह के काव्य-पल्लवन के लिए विषय आमंत्रित


मित्रो,

पिछले २ माह से हिन्द-युग्म ने काव्य-पल्लवन के तहत 'पहली कविता' का आयोजन कर रहा है जिसकी आखिरी किश्त आप अगले वृहस्पतिवार यानी १० जुलाई २००८ को पढ़ सकेंगे।

अब हम पुनः अपने पुराने ट्रैक पर आपक आते हैं और जुलाई माह के काव्य पल्लवन के लिए विषय आमंत्रित करते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके दिये गये विषय पर काव्यात्मक विमर्श हो तो अपने विषय kavyapallavan@gmail.com पर सोमवार ७ जुलाई २००८ तक भेज दीजिए। चुने गये विषय की सूचना मंगलवार को दे दी जायेगी। ध्यान रहे विषय १-४ शब्दों का हो।

काव्य-पल्लवन के विषय में अधिक जानकारी और पुराने अंक पढ़ने के लिए निम्न लिंक देखें-

पुराने विशेषांक

काव्य-पल्लवन क्या है?
अंक-१
अंक-२
अंक-३
अंक-४
अंक-५
अंक-६
अंक-७
अंक-८
अंक-९
अंक-१०
अंक-११
अंक-१२
अंक-१३
अंक-१४
अंक-१५ (पहली कविता विशेषांक)

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5 कविताप्रेमियों का कहना है :

विजयशंकर चतुर्वेदी का कहना है कि -

'राजनीतिक दल और साम्प्रदायिकता' या 'हमारा समाज और साम्प्रदायिकता' इस समय मौजू हो सकता है.

vivek ranjan shrivastava का कहना है कि -

"मंहगाई" विषय कैसा रहेगा?

Aditya Pratap का कहना है कि -

mai yeh chahta hoon ki fiza ke uper kuch likha jaye

सोमेश्वर पांडेय का कहना है कि -

नमस्कार हिन्दी युग्म के वाहकों तथा पाठकों व् सहयोगी लेखकों को साधुवाद. आगामी विषय बेरुखी, आकाश, मौत और जन्म अथवा आदमी पर भी यदि उपयुक्त लगे तो रखा जा सकता है.

सोमेश्वर पांडेय

श्रीमति जी कलैवाणी का कहना है कि -

नमस्कार, आगामी विषय 'सभ्यता' रखा जा सकता है |

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