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Sunday, March 01, 2009

मार्च 2009 माह की यूनिप्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित


यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता के २7वें अंक के लिए प्रविष्टियाँ हम इस सूचना के साथ आमंत्रित कर रहे हैं कि जल्द ही हम नये तरह के सम्मान देने की घोषणा लेकर आने वाले हैं। यूनिकोड (हिन्दी) के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए 'यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता' से आगे निकलकर हम अन्य पुरस्कारों का गुलदस्ता लेकर आयेंगे।

मार्च २००९ का यूनिकवि बनने के लिए-

१) अपनी कोई मौलिक तथा अप्रकाशित कविता १५ मार्च २००९ की मध्यरात्रि तक hindyugm@gmail.com पर भेजें।

(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं।)

२) कोशिश कीजिए कि आपकी रचना यूनिकोड में टंकित हो।
यदि आप यूनिकोड-टाइपिंग में नये हैं तो आप हमारे निःशुल्क यूनिप्रशिक्षण का लाभ ले सकते हैं।

३) परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, इतना होने पर भी आप यूनिकोड-टंकण नहीं समझ पा रहे हैं तो अपनी रचना को रोमन-हिन्दी ( अंग्रेजी या इंग्लिश की लिपि या स्क्रिप्ट 'रोमन' है, और जब हिन्दी के अक्षर रोमन में लिखे जाते हैं तो उन्हें रोमन-हिन्दी की संज्ञा दी जाती है) में लिखकर या अपनी डायरी के रचना-पृष्ठों को स्कैन करके हमें भेज दें। यूनिकवि बनने पर हिन्दी-टंकण सिखाने की जिम्मेदारी हमारे टीम की।

४) एक माह में एक कवि केवल एक ही प्रविष्टि भेजे।

यूनिपाठक बनने के लिए

चूँकि हमारा सारा प्रयास इंटरनेट पर हिन्दी लिखने-पढ़ने को बढ़ावा देना है, इसलिए पाठकों से हम यूनिकोड ( हिन्दी टायपिंग) में टंकित टिप्पणियों की अपेक्षा रखते हैं। टायपिंग संबंधी सभी मदद यहाँ हैं।

१) १ मार्च २००९ से ३१ मार्च २००९ के बीच की हिन्द-युग्म पर प्रकाशित अधिकाधिक प्रविष्टियों पर हिन्दी में टिप्पणी (कमेंट) करें।

२) टिप्पणियों से पठनीयता परिलक्षित हो।

३) हमेशा कमेंट (टिप्पणी) करते वक़्त समान नाम या यूज़रनेम का प्रयोग करें।

४) हिन्द-युग्म पर टिप्पणी कैसे की जाय, इस पर सम्पूर्ण ट्यूटोरियल यहाँ उपलब्ध है।

कवियों और पाठकों को निम्न प्रकार से पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा-


१) यूनिकवि को हिजड़ों पर केंद्रित रुथ लोर मलॉय द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक 'Hijaras:: Who We Are' के अनुवाद 'हिजड़े:: कौन हैं हम?' (लेखिका अनीता रवि द्वारा अनूदित) की एक प्रति तथा प्रशस्ति-पत्र।

२) यूनिपाठक को हिजड़ों पर केंद्रित रुथ लोर मलॉय द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक 'Hijaras:: Who We Are' के अनुवाद 'हिजड़े:: कौन हैं हम?' (लेखिका अनीता रवि द्वारा अनूदित) की एक प्रति तथा प्रशस्ति-पत्र।

३) एक से चौथे स्थान के पाठकों को और दूसरे से दसवें स्थान के कवियों को हिजड़ों पर केंद्रित रुथ लोर मलॉय द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक 'Hijaras:: Who We Are' के अनुवाद 'हिजड़े:: कौन हैं हम?' (लेखिका अनीता रवि द्वारा अनूदित) की एक-एक प्रति।

प्रतिभागियों से भी निवेदन है कि वो समय निकालकर यदा-कदा या सदैव हिन्द-युग्म पर आयें और सक्रिय लेखकों की प्रविष्टियों को पढ़कर उन्हें सलाह दें, रास्ता दिखायें और प्रोत्साहित करें।

प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले सभी 'नियमों और शर्तों' को पढ़ लें।

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कविताप्रेमी का कहना है :

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

हिंद युग्म पर साहित्य की विविध विधाओं का मूल्यांकन उनके लिए निर्धारित मानकों के आधार पर हो तो विश्वस्नीयता बनी रहेगी अन्यथा 'अँधा बांटे रेवडी, चीन्ह-चीन्ह कर देय' कहावत चरितार्थ होती लगेगी. निर्णायक स्वयं किसी विधा सी अनभिज्ञ हो अथवा किसी विधा विशेष के प्रति अनुराग रखे तो निर्णय सही कैसे होगा? प्रतिष्ठित साहित्यकार इसीलिये अंतर्जाल से नहीं जुड़ रहे की यहाँ तकनीक के माहिर किन्तु शिल्प से कम वाकिफ रचनाकारों का बोलबाला है. यह बात इंदौर और अहमदाबाद के भ्रमण पर वरिष्ठ रचनाकारों ने बार-बार कही.
-sanjivsalil.blogspot.com
-divynarnmada.blogspot.com

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