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Thursday, June 11, 2009

मेमने की तलाश


मेमने की तलाश
सिंहकक्ष में,
नेष्ट से श्रेष्ट
तक यात्रा
उत्तरोत्तर उत्साह
त्वरण देती है,
सिंहासन पर आसीन
मुख पर ,
आत्मीय भावों की प्राप्ति
बहुत ..........
बहुत बडी
उपलब्धि होती है |
उंगली पर लगी
स्याही गदगद ,
विभोर है मतपेटी,
तनी है मुहर !
उदास केवल
मतपत्र ,
वही एक नश्वर ,
शेष सभी शाश्वत |
पिटता,
मुडता,
और उदरस्थ
मतपत्र मेमना !
डकारता संचार तंत्र ,
चटकारे लेते अखबार ,
स्वाद पर परिचर्चा ,
चरम विश्वास का |
आरम्भ पतन का |
और
एक बार फिर ,
अंकुरण
अंतहीन
चमत्कार की तलाश का |
इस बार कुछ एसा हो,
सर्वे भवन्तु सुखिनः !
उतरता ज्वार
सिंहासन आभारी
गगनोन्मुख हस्त दृग,
नहीं देख पाते,
मेमने के पदचिन्ह,
जो सिंह मांद में
प्रवेश के है,
निकलने के नहीं |

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11 कविताप्रेमियों का कहना है :

Nirmla Kapila का कहना है कि -

अंकुरण
अंतहीन
चमत्कार की तलाश का |
इस बार कुछ एसा हो,
सर्वे भवन्तु सुखिनः !
उतरता ज्वार
सिंहासन आभारी
गगनोन्मुख हस्त दृग,
नहीं देख पाते,
मेमने के पदचिन्ह,
जो सिंह मांद में
प्रवेश के है,
निकलने के नहीं |
बेहतरीन भाव्मय अभिव्यक्ति बधाई

Manju Gupta का कहना है कि -

उंगली पर लगी
स्याही गदगद ,
विभोर है मतपेटी,
तनी है मुहर !
उदास केवल
मतपत्र ,
वही एक नश्वर ,
शेष सभी शाश्वत
Gagar mei sagar bhar diya hai.
Manju Gupta.

rachana का कहना है कि -

इस बार कुछ एसा हो,
सर्वे भवन्तु सुखिनः !
उतरता ज्वार
सिंहासन आभारी
गगनोन्मुख हस्त दृग,
नहीं देख पाते,
मेमने के पदचिन्ह,
जो सिंह मांद में
प्रवेश के है,
निकलने के नहीं |
कितना सुंदर चित्रण है
बधाई
सादर
रचना

rachana का कहना है कि -

इस बार कुछ एसा हो,
सर्वे भवन्तु सुखिनः !
उतरता ज्वार
सिंहासन आभारी
गगनोन्मुख हस्त दृग,
नहीं देख पाते,
मेमने के पदचिन्ह,
जो सिंह मांद में
प्रवेश के है,
निकलने के नहीं |
कितना सुंदर चित्रण है
बधाई
सादर
रचना

रश्मि प्रभा... का कहना है कि -

मत्रमुग्ध कर दिया इस भावना ने....

Harihar का कहना है कि -

पिटता,
मुडता,
और उदरस्थ
मतपत्र मेमना !
डकारता संचार तंत्र ,
चटकारे लेते अखबार ,
स्वाद पर परिचर्चा
वाह विनय जी ! मजा आ गया पढ़ कर

Shamikh Faraz का कहना है कि -

मतपत्र मेमना !
डकारता संचार तंत्र ,
चटकारे लेते अखबार ,
स्वाद पर परिचर्चा ,
चरम विश्वास का |
आरम्भ पतन का |

अनुपम कविता.

mohammad ahsan का कहना है कि -

जनतंत्र के अंतर्विरोधों पर सशक्त कविता

manu का कहना है कि -

वही केवल एक नश्वेर / शेष सबी शाश्वेत

कमाल लिखा है विनय जी,,,,, कमाल,,,,

Anonymous का कहना है कि -

वजनदार कवीता ,=,=, =,= लिखते रहे आपका ब्लॉग अच्चा है
किताबे मिलाती नहीं | फुर्सत किसे है इन्टरनेट का ही सहारा है
कुच्छ हंसी मजाक भी छापों यार |
श्यामबिहारी

Ambarish Srivastava का कहना है कि -

खूबसूरत भावमय अभिव्यक्ति !

इस बार कुछ एसा हो,
सर्वे भवन्तु सुखिनः !

बधाई |

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