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Monday, March 16, 2009

शेख चिल्ली का मकब़रा पर कविता पाठ करना चाहेंगे?


हमें यह सूचित करते बहुत खुशी हो रही है कि हिन्द-युग्म ने २, ३ मई २००९ को या ९, १० मई २०० को रचनात्मक लोगों का एक जत्था कुरुक्षेत्र लेकर जाने का फैसला किया है। इस जत्थे में कवि, कहानीकार, गीतकार, लेखक, गायक, संगीतकार, चित्रकार (पेंटर), छायाचित्रकार (फोटोग्राफर) इत्यादि जैसे रचनात्मक लोग सम्मिलित होंगे। उद्देश्य यह है कि समान अभिरुचि के लोग लम्बा समय एक साथ बितायें, अपने विचार, अपने हुनर एक-दूसरे में बाँटें। यह यात्रा दिल्ली से आरामदायक बस द्वारा शुरू होगी जिसमें दिल्ली और इसके आसपास के लोग आसानी से सम्मिलित हो सकते हैं। कार्यक्रम में निम्नलिखित में कुछ या सभी स्थानों को पहुँचने की योजना है।

  1. ब्रह्म सरोवर
  2. सन्निहित सरोवर
  3. ज्योतिसर सरोवर
  4. धरोहर- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का सांस्कृतिक केन्द्र
  5. कर्ण का टीला
  6. शेख चिल्ली का मकबरा
  7. कल्पना चावला तारामंडल
  8. कुरुक्षेत्र चित्रावली और विज्ञान केन्द्र

ज़रा सोचें, शेख चिल्ली का मकबरा पर काव्य-गोष्ठी, ब्रह्मसरोवर के किनारे बैठकर कहानीपाठ सुनना, राजा कर्ण का टीला के पास किसी का गीत सुनना कितना आनंददायक है। ज्योतिसर सरोवर के किनारे चित्र-छायाचित्रों की प्रदर्शनी।

हम अगले २५ मार्च २००९ तक आपलोगों की प्रतिक्रिया से यह जानने को इच्छुक हैं कि इस यात्रा-कार्यक्रम में आप क्या-क्या चाहते हैं, आप किस तरह से कार्यक्रमों में भाग लेना चाहेंगे और यह भी कि कौन-कौन जाने में इच्छुक हैं। इसी प्रविष्टि में टिप्पणी द्वारा बतायें। हम दिल्ली से शनिवार सुबह ८ से ९ बजे के मध्य प्रस्थान करना चाहते हैं और रविवार की शाम ७-८ बजे तक वापिस। इच्छुक प्रतिभागी यह भी बताएँ कि ब्रह्मसरोवर के किनारे बने जयराम आश्रम में रुकना पसंद करेंगे या किसी होटेल में? अधिक जानकारी और अन्य सवालों के लिए hindyugm@gmail.com पर लिखें।

नोट- भाग लेने वाले प्रत्येक यात्री को हिन्द-युग्म द्वारा निर्धारित सहयोग राशि देय होगी।




आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

19 कविताप्रेमियों का कहना है :

दर्पण साह 'दर्शन' का कहना है कि -

dilli main hone ka ek fayada to hua...
agar kavita paath na bhi karein to kavita shravan ka to anand le hi sakte hain...
gadi bhi hai....
wah:)

neelam का कहना है कि -

april ke ant aur may ke praarambh me garmi kuch jyaada ho jaayegi ,aashram me a.c hai ya nahi ,bura mat maaniye swaasthya ne aisa poochne ko baadhya kiya hai ,bahut hi achcha aayojan hai ,poora parivaar shaamil ho sakta hai .prati vyakti kitna shulka hoga ,bhi spast kare to behtar hoga .

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

कुरुक्षेत्र में होने को है अब शब्द बाणों का समर,
लग्जरी लोहे का रथ है, बाँध लो वीरो कमर..
कविता कहानी गीत नाटक के शरों से बेधना
हास हो गाम्भीर्य हो, हो करुण कौतुक वेदना..
कर्ण भी अब जान लें हैं पास अपने कर्ण कुछ
होते नहीं मायूस चाहे, हो भले आलोचना...
लाखों सरोवर से गये है लोग नहा-नहा कर यहाँ
अब नहायेंगे सरोबार रस में ये ही सरोवर,सोचना
बस देर है बस शंख बस का पूँ पूँ करे जिस रोज भी
युग्मियों की फौज का, लेकर पताका पहोचना...
युग्मियों की फौज का, लेकर पताका पहोचना...

बहुत ही बढिया प्रोग्राम है .. दूरगामी सु-परिणाम आयेंगे.. फाग में होली मिलन भी हो जयेगा..

*मैं भी हूँ तैयार सा कुछ मौथरे बानों के संग..
आफिस अगर देगा इजाजत में भी हो लुंगा पतंग..
कुछ खोल दो शैलेश जी अधिभार कितना चाहिये..
संग्राम भूमि के निहित पाकिट वजन बतलाइये..

- इक्षा है प्रतीक्षा है..

"अर्श" का कहना है कि -

are mujhe bhi le chalo bhaaee...


arsh

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

बहुत अच्छा आयोजन...क्या दिल्ली से बाहरवाले भी आमंत्रित हैं? यदि हाँ तो दिल्ली पहुंचकर कहाँ रुकें तथा वापिस आने और ट्रेन मिलने के बीच कहाँ ? तारीखें चुनाव के बाद हों अन्यथा सरकारी नौकर अवकाश न मिलने से वंचित रह जावेंगे. प्रति व्यक्ति खर्च की जानकारी दीजिये. यह भी संकेत कर दें कि कहाँ की विशेषता क्या है?

neeti sagar का कहना है कि -

bahut achchha prayash hai aapka,par shayad us samay garmi kuch adhik padne lagegi,aur bahar k kaviyon ko aane me shayad kuch pareshaniyan ho sakti hai, mai bhi aana chahti hun,par...agar aap ise kisi aur mahine me rakh paate fir bhi dekhte hai...

श्याम सखा श्याम का कहना है कि -

गर्मी तो दिल्ली से कुछ ही कम होगी।पर गर्मियों में दिन बड़े होने से वक्त भी तो अधिक मिलेगा कहने सुनने का,क्योंकि सफ़र की शुरुआत जल्दी की जा सकती है।
मेरी सीट बुक करें,आयोजक जी।
श्याम सखा श्याम

manu का कहना है कि -

श्याम जी की टिकट तो सब से पहले बुक हो गई ,,,बधाई हो,,,
अपने तो सारे काम एट अ टाइम ही होते हैं,,,,,:::::)))))
चाहे आना जाना हो,रचनाएँ भेजना या कमेंट देना,,::::))))

शेख चिल्ली के मकबरे का तो मालूम नहीं है,,,,पर बाकी जगहों के बजाय,,,,ऋषकेश जैसे स्थान मेरी नज़र में ज्यादा सही हैं,,,,,,पर किसी धार्मिक आश्रम आदि में ना हो तो और भी ज्यादा बेहतर है,,,,,कोई सुंदर सी प्राक्रतिक जगह हो,,, ,तो
जैसे यहाँ पर एक पाठक हूँ,,,,वैसे ही वहाँ एक श्रोता की तरह जाना पसंद करूंगा,,,,,
मुझे युग्मियों का साथ सदैव ही रूचिकर लगता है,,,,,
तब तक तपन जी तो लौट आयेंगे ना,,,,??

manu का कहना है कि -

हमें मालूम था के कौन सी जगह सेलेक्ट की जायेगी,,,,
चलिए समय हुआ तो वह भी चलेंगे,,,,,

007 का कहना है कि -

bahut achchha laga ki 15 din ki yatra hai, lekin naukari karane vale mere jaise logo ko 15 din ki chhutti to bhee nahi mil paayegi , lekin aap hame information dete rahana ho sakata hai, ki mai bhee shamil ho sakoo,,,

राजीव तनेजा का कहना है कि -

मैँ भी चलना चाहूँगा

तपन शर्मा का कहना है कि -

007 ji
kewal 2 din ki yaatra hai..
15 dinon mein aap apni upasthiti ke baare mein bata sakte hain...

akanksha का कहना है कि -

जब भी जाएं मेरी एक सीट पक्की मानें। लेकिन बस दो दिन पहले बता दें। होटल के बजाय आश्रम में ठहरना ज्यादा ठीक होगा। वैसे भी दिल्ली में सब इकट्ठे जा पाएं ऐसा कम होता है। इस कार्यक्रम को अमली जामा जरूर पहनाइए. ऐसा न हो कि यह शेख चिल्ली के सपने की तरह हो कर रह जाए।

SUNIL KUMAR SONU का कहना है कि -

nikal chuki hai aadmi-ur se sabd-baan kya kahna.
simaayen laangh chuki hai muskaan kya kahna.
mai ranchi ka hun mere liye bhi kuchh vyavsatha kijiye.bade maalik.
ydi bich me mera exam na hua to avasya chalna chahunga.SAHYOG RASHI KYA HAI KRIPA KARKE BATA DEN.

Deep Jagdeep Singh का कहना है कि -

वाह हिंद युग्म अब एक शेख चिल्ली को उसी के मकबरे पर जीते जी जाने का मौका मिले तो भला ये मौका कैसे छोड़ा जाए, समझ लिजिए हम तो तैयार हैं, हमारे कफन दफन का जो भी खर्च हो हम अदा करने को तैयार हैं, मुस्कुराते हुए।

maitrayee का कहना है कि -

वाह, क्या आनंद दायक सुचना दी आपने.
मुझे भी जाना है इस साहित्यिक यात्रा पर ..... इस क लिए मुझे क्या करना होगा.....?कृपया बताने का कष्ट करें.
मैत्रेयी बनर्जी

neelam का कहना है कि -

mairaiyi ji ,
baangla kotha bolar suna koron jony aami thaakbo ooidike aapnar songe .khoob bhalo
laagbe oidike .aamiyo aaste chaaichi .

अभिन्न का कहना है कि -

बहुत ही प्रसन्नता भरा समाचार है,मेरे लिए इससे बढ़कर ख़ुशी की बात क्या हो सकती है की साहित्य जगत ( खासकर ब्लॉग की दुनिया ) के गुणी साथियों का सानिध्य मुझे मेरे बहुत ही पड़ोस में मिल रहा है शिक्षा अर्जन के लिए बहुत वर्ष इस धार्मिक नगरी में बिताये ओर अब इतने सारे विभिन्न विधाओं के विद्वान विदुषियों से साहित्यिक ज्ञान अर्जन का अवसर जो मिलेगा, प्रबंधक महोदय से विशेष तौर पर प्रार्थना है की तिथियों का चुनाव ,लोकसभा चुनाव के बाद का ही करें ताकि मै आप सब का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकूं ,कृपया मुझे अतिथियों की संख्या से अवगत कराया जाये ताकि समुचित प्रबंध किया जा सके ....इस साहित्यिक यात्रा का हिस्सा बन सकूं कृपया मेरा आवेदन स्वीकार करें
'अभिन्न'

vivek का कहना है कि -

main bhi chalna chata hoon

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