हमें यह सूचित करते बहुत खुशी हो रही है कि हिन्द-युग्म ने २, ३ मई २००९ को या ९, १० मई २०० को रचनात्मक लोगों का एक जत्था कुरुक्षेत्र लेकर जाने का फैसला किया है। इस जत्थे में कवि, कहानीकार, गीतकार, लेखक, गायक, संगीतकार, चित्रकार (पेंटर), छायाचित्रकार (फोटोग्राफर) इत्यादि जैसे रचनात्मक लोग सम्मिलित होंगे। उद्देश्य यह है कि समान अभिरुचि के लोग लम्बा समय एक साथ बितायें, अपने विचार, अपने हुनर एक-दूसरे में बाँटें। यह यात्रा दिल्ली से आरामदायक बस द्वारा शुरू होगी जिसमें दिल्ली और इसके आसपास के लोग आसानी से सम्मिलित हो सकते हैं। कार्यक्रम में निम्नलिखित में कुछ या सभी स्थानों को पहुँचने की योजना है।
- ब्रह्म सरोवर
- सन्निहित सरोवर
- ज्योतिसर सरोवर
- धरोहर- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का सांस्कृतिक केन्द्र
- कर्ण का टीला
- शेख चिल्ली का मकबरा
- कल्पना चावला तारामंडल
- कुरुक्षेत्र चित्रावली और विज्ञान केन्द्र
ज़रा सोचें, शेख चिल्ली का मकबरा पर काव्य-गोष्ठी, ब्रह्मसरोवर के किनारे बैठकर कहानीपाठ सुनना, राजा कर्ण का टीला के पास किसी का गीत सुनना कितना आनंददायक है। ज्योतिसर सरोवर के किनारे चित्र-छायाचित्रों की प्रदर्शनी।
हम अगले २५ मार्च २००९ तक आपलोगों की प्रतिक्रिया से यह जानने को इच्छुक हैं कि इस यात्रा-कार्यक्रम में आप क्या-क्या चाहते हैं, आप किस तरह से कार्यक्रमों में भाग लेना चाहेंगे और यह भी कि कौन-कौन जाने में इच्छुक हैं। इसी प्रविष्टि में टिप्पणी द्वारा बतायें। हम दिल्ली से शनिवार सुबह ८ से ९ बजे के मध्य प्रस्थान करना चाहते हैं और रविवार की शाम ७-८ बजे तक वापिस। इच्छुक प्रतिभागी यह भी बताएँ कि ब्रह्मसरोवर के किनारे बने जयराम आश्रम में रुकना पसंद करेंगे या किसी होटेल में? अधिक जानकारी और अन्य सवालों के लिए hindyugm@gmail.com पर लिखें।
नोट- भाग लेने वाले प्रत्येक यात्री को हिन्द-युग्म द्वारा निर्धारित सहयोग राशि देय होगी।






