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Tuesday, May 27, 2008

तेरे आने से




कितना जोश, पाकीजगी है आज आशियाने में
कहां से सीखा ऐसे रिश्तों को पिरोना तुमने

मेरी आंखों की चमक पर क्यों तुम हैरान हो
कर दिया पूरा मेरा हर ख्वाब सलौना तुमने

मुद्दतों बाद आज मुझको फ़िर सूकूं की नींद आई
अपने फ़ूल से हाथों से बिछाया था बिछौना तुमने

अब तो बस खेल खेल में यूंही उमर गुजर जायेगी
मुझको दे दिया एक हंसी नायाब खिलौना तुमने

अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से ताल्लुक रहा
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने

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12 कविताप्रेमियों का कहना है :

SURINDER RATTI का कहना है कि -

मोहिंदर जी बहुत खूब ...
अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से रहा ताल्लुक
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने
सुरिन्दर रत्ती

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

कहां से सीखा ऐसे रिश्तों को पिरोना तुमने

अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से ताल्लुक रहा
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने

चुनिन्दा मोती हैं, सभी नायाब..

***राजीव रंजन प्रसाद

अल्पना वर्मा का कहना है कि -

खुशियाँ समेटे हुए सुंदर रचना ...

रंजू ranju का कहना है कि -

अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से ताल्लुक रहा
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने

सुंदर रचना लिखी है आपने ..भाव बहुत अच्छे हैं इसके ..

Divya Prakash का कहना है कि -

बहुत खूब मज़ा आ गया पढ़ के ....
दिव्य प्रकाश

शोभा का कहना है कि -

मोहिंदर जी
बहुत दिनों बाद आपकी ग़ज़ल पढी-
अब तो बस खेल खेल में यूंही उमर गुजर जायेगी
मुझको दे दिया एक हंसी नायाब खिलौना तुमने
अच्छी लगी. बधाई स्वीकारें.

Kavi Kulwant का कहना है कि -

वाह मोहिंदर जी..

sahil का कहना है कि -

बहुत ही उम्दा सभी के सभी शेर.
आलोक सिंह "साहिल"a

Harihar का कहना है कि -

गजल बड़ी सुन्दर है मोहिंदर जी

मेरी आंखों की चमक पर क्यों तुम हैरान हो
कर दिया पूरा मेरा हर ख्वाब सलौना तुमने

मुद्दतों बाद आज मुझको फ़िर सूकूं की नींद आई
अपने फ़ूल से हाथों से बिछाया था बिछौना तुमने

pooja anil का कहना है कि -

मोहिंदर जी ,

बहुत अच्छा लिखा है ,

अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से ताल्लुक रहा
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने

सभी शेर अच्छे लगे ,
ऐसे ही आपका घर हमेशा रोशन रहे ,शुभकामनाएं

^^पूजा अनिल

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

yesss !!! यह बहुत सही बना है |


अवनीश

Seema Sachdev का कहना है कि -

अब तलक मेरा सिर्फ़ अंधेरों से ताल्लुक रहा
कर दिया रोशन मेरे घर का कोना-कोना तुमने
बहुत अच्छे

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