फटाफट (25 नई पोस्ट):

Tuesday, January 29, 2008

मतले का कानून सबसे बड़ा कानून है और कोई भी काफिया या रदीफ मतले के कानून से बाहर नहीं जा सकता है । मतले ने जो कह दिया वो पत्‍थर की लकीर होती है ।


कई सारे प्रश्‍न आ रहे हैं और यें प्रश्‍न कुछ आगे के भी हो रहे हैं मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि आप अभी केवल   के काफियों की ही बात करें क्‍योंकि अभी क्‍लास में वही चल रहा है आगे की बात करेंगें तो मैं भी भटक जाऊंगा और आप भी । हम समस्‍या और समाधान वाली पद्धति पर काम तो कर रहे हैं पर समस्‍या पाठ को लेकर ही रखें जैसे आज का पाठ  आ  की मात्रा के काफियों को लेकर है अत: आज के सवाल उसको लेकर ही आएं । वैसे पिछली कक्षा में कुछ प्रश्‍न आए हैं जिनके मैं उत्‍त्‍र दे रहा हूं । पर आज की कक्षा में उन ही प्रश्‍नों के उत्‍त्‍र लिये जाऐंगें जो कि विषय पर होंगें । अगर आपको मुझपर भरोसा है कि मैं आपको पूरा ही सिखाने आया हूं तो जल्‍दबाजी न करें ।  अभी से वज्‍़न की बात न करें जब हम वज़न निकालना शुरू करेंगे तब तो सिलसिला शायद महीनों तक चलेगा क्‍योंकि वही तो ख़ास बात है । अभी तो केवल बुनियाद ही डाली जा रही है  ।

तो आज बात करते हैं उसी की मात्रा वाले क़ाफिये की, बात आधी ही रह गई थी आज हम उसी से आगे शुरू करते हैं । प्रश्‍न उठता है कि क्‍या आ की मात्रा वाला कोई भी क़ाफिया उठाया जा सकता है तो पहले तो हम ये जान लें कि कोई भी नहीं बल्कि सही वज़न का और सही तरीके का क़ाफिया ही उठाया जाए । और उसमें भी मतले में आपने क्‍या क़ाफियाबंदी की है वो भी देखा जाएगा । मतला  आपकी ग़ज़ल का  पहला शेर होता है और आपकी ग़जल में काफिया क्‍या होना है रदीफ क्‍या होना है ये वही तय करता है । मतले में अगर मिसरा उला में काफिया आया है चलता  और मिसरा सानी में देखा तो ये तय हो गया कि आपका काफिया केवल ही है । मगर यदि मिसरा उला में काफिया आया है चलता  और आपने सानी में ले लिया गिरता  तो आपका काफिया हो गया  ता  और अगर मिसरा उला में काफिया आया है चलता  और आपने मिसरा सानी में ले लिया छलता  तो अब आपका काफिया हो गया लता ।

पहले बात मतले की की जाए पहले ही बता चुका हुं कि मतला ग़ज़ल का पहला शे'र होता है और ये ही तय करता हैं कि ग़ज़ल का क़ाफिया क्‍या होगा । इसलिये मतले को लिखते समय बहुत ध्‍यान रखा जाए कहीं कोई ऐसा क़ाफिया फंस गया जिसकी तुकें ज्‍़यादा नहीं हैं तो बाद में परेशानी होगी और फि़ज़ूल में भर्ती के क़ाफि़ये भरने पडेंगें । साहित्‍य में भर्ती के का मतलब होता है असहज शब्‍दों या विचारों का आ जाना । मेरे गुरू डॉ विजय बहादुर सिंह कहते हैं कि कविता तो ताश के पत्‍तों के महल की तरह होना चाहिये जिसमें हर शब्‍द का महत्‍व हो अगर कोई भी शब्‍द हटाया जाए तो पूरा महल ही गिर पड़े, अगर कोई शब्‍द ऐसा है जो प्रभाव नहीं छोड़ रहा तो इसका मतलब वो भर्ती का शब्‍द है । तो बात मतले की अगर आपने मतले में शे'र कुछ यूं कहा कि
इतना क्‍यूं तू मिमियाता है
तू तो आदम का बच्‍चा है

तो बात साफ हो गई कि आप की मात्रा को क़ाफिया और है रदीफ बना कर ग़ज़ल कह रहे हैं और अब आप को की ही मात्रा को क़ाफिया देने की स्‍वतंत्रता हैं  ।   मगर एक बात सीधी सी याद रखिये कि जो कुछ भी मतले में दोहरा लिया जाता है वो फिर क़ाफिये का हिस्‍सा न रह कर रदीफ जैसा हो जाता है ।

इतना क्‍यूं तू मिमियाता है
तू तो आदम का बच्‍चा है
अब इसमेंकी मात्रा ही क़ाफिया बन रही है क्‍योंक‍ि मतला ये ही कह रहा है
मगर इसी मतले को अगर यूं कहा जाता कि
इतना क्‍यूं रे तू सच्‍चा है
तू भी आदम का बच्‍चा है
तो बाद बदल गई। अब तो आपको बच्‍चा कच्‍चा सच्‍चा टुच्‍चा  जैसे काफिये तलाशने होंगें क्‍योंकि आपने तो अपने मतले में ही खुद को नियम में बांध लिया है ।  ये है असल में बात कि आपका मतला ही ग़ज़ल का भविष्‍य तय करता है ।

यदि आपने ऐसा कुछ मतला कहा

अंगड़ाइयां लेता है, आंखें कभी मलता है
आता है मेरी जानिब, या नींद में चलता है
अब यहां भी मात्रा तो की ही क़ाफिया है पर जो अंतर यहां पर आ गया है वो ये है कि आपने क़ाफिये में एक दोहराव लिया है और वो है लता अर्थात अब मतले के हिसाब से आपका क़ाफिया लता है और रदीफ़ है । अब आप आगे जो शे'र कहेंगें वो लता क़ाफिया लेकर ही चलेंगें की मात्रा नहीं चलने की अब । इसे मतले का कानून कहा जाता है ।
जैसे

कच्ची है गली उसकी, बारिश में जा दिल
इस उम्र में जो फिसले, मुश्किल से संभलता है

मतलब बात वही है अब आप फंस गए हैं क्‍योंकि आपने ही मतले में मलता है और चलता है कह कर स्‍वीकार कर लिया था कि क़ाफिया लता है अब आपको ये ही लेकर चलना चाहिये ।

एक और ख़ूबसूरत शे'र देखें

हर शाम धनक टूटे, अंगों से महक फूटे

हर ख्वाब से पहले वो, पोशाक बदलता है

तो बात ये है कि आपका मतला तय करता है कि ग़ज़ल में आगे क्‍या होना है ।

एक और उदाहरण कुछ अलग तरह का देखें उर्दू अदब की आला शख्‍़सीयत जनाब मुज़फ्फर हनफ़ी साहब का मतला है

छत ने आईना चमकाना छोड़ दिया है

खिड़की ने भी हाथ हिलाना छोड़ दिया है

अब यहां पर क़ाफिया हो गया है आना जो कि संधि विच्‍छेद करने पर चमक:आना-चमकाना और हिल:आना-हिलाना है यहां पर भी की मात्रा तो हैं पर क़ाफिया तो मतले के हिसाब से आना है और अब आपको उसका ही निर्वाहन करना है । जैसा हनफी साहब ने किया है

चांद सितारे ऊपर से झांका करते थे

पागल ने इक और विराना छोड़ दिया है

अब आपको ये ही करना है । आज इतना ही आगे हम की मात्रा को लेकर और भी बातें करेंगें ।

वक्‍़त की गोद से हर लम्‍हा चुराया जाए
इक नई तर्ज से दुनिया को बसाया जाए
मेरी भी ये ही ख्‍़वाहिश है कि आप सब दुनिया को नई तर्ज से बसाने का प्रयास करें ।

प्रश्‍नोत्‍तर खंड :-

शैलेश भारतवासी गुरुजी,मैंने एक बार एक कविता लिखी थी, जो ग़ज़ल जैसी बन गई थी। बाद में पता चला कि वो 'हज़ल' जैसी बन गई है। पूरी ग़ज़ल ('हज़ल') यहाँ प्रस्तुत है-
हमारे पेशेंस को आज़माकर, उन्हें मज़ा आता है
दिल को खूब जलाकर, उन्हें मज़ा आता है।
खूब बातें करके जब हम कहते हैं "अब फ़ोन रखूँ?"
बैलेंस का दिवाला बनाकर, उन्हें मज़ा आता है।
'उन्हें मज़ा आता है' रदीफ़ है और 'कर' (जलाकर, बनाकर, जताकर, खिलाकर, पिलाकर आदि) काफिया है। लेकिन एक कन्फ़्यूजन है। क्या इतना बड़ा 'उन्हें मज़ा आता है' रदीफ़ हो सकता है? यदि हाँ, तो क्या इतना बड़ा रदीफ़ रखना ग़ज़ल की सुंदरता की दृष्टि से ठीक है?
उत्‍तर :- रदीफ को लेकर कोई नियम नहीं है कि वो कितना लम्‍बा हो । बस एक बात है कि उसको बहर में होना चाहिये । मैं एक हज़ल पर काम कर रहा हूं जिसका रदीफ है ''सनम की टांग टूटी है''  तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि कई बार तो लम्‍बे रदीफ से सुंदरता ही बढ़ती है। आपकी इस ग़ज़ल में कर  काफिया नहीं है बल्कि आकर है ।की मात्रा के साथ कर । कई बार यूं भी कहा जाता है कि कर  रदीफ ही हो गया है और काफिया तो केवल   ही है । हां आपकी हज़ल में फिलहाल मात्रा दोष तो है मगर कुछ महीनों बाद ये दोष आप खुद ही दूर करने लगेंगें ।
Shailesh Jamloki
१)आपने कहा "ग़ज़ल ध्‍वनि का खेल है " मेरा सवाल ये है की.. क्या इस के लिए हमे संगीत कला भी सीखनी पड़ेगी. जो हमे.. लये और ताल के बारे मै बताती है....कही ऐसा तो नहीं की ग़ज़ल सब एक ही धुन पर गई जाती है,.. मुझे उम्मीद है नहीं.. जैसे.. "मुहब्बत की झूठी" अलग धुन है और " मिलती है जिंदगी मै.." दूसरी
उत्‍तर :-  संगीत की कला सीखनी पड़े ऐसा तो नहीं है बस आपने संगीत का सुना हो पुराने हिंदी फिल्‍मी संगीत को आप गुनगुनाते रहे हों । आपके अंदर रिदम हो तो काम आसान हो जाता है । ग़ज़ल ध्‍वनि का खेल है  ये इसलिये कहा क्‍योंक‍ि यहां पर मात्राओं का निर्धारण उच्‍चारण से होता है । जैसा मैंने पहले बताया था कि दिवार भी होता है और दीवार भी । आपने तीसरी बात का उत्‍तर तो खुद ही तलाश लिया है ।
2) "ग़ज़ल तो केवल और केवल ध्‍वनि पर ही चलती है " इस से क्या आप ये कहना चाह रहे है क्या की, ग़ज़ल लिखते समय हमे पहले गा लेना चाहिए और उसके अनुसार हमे शब्द चयन तदनुसार मात्रा चयन ..
उत्‍तर :-  यदि गा सकते हों तो अच्‍छा है कि आप मतला लिखने के बाद उसको गाकर देख लें और आगे के मिसरे उसी धुन पर लिखें कई लोग ऐसा ही करते हैं । और अक्‍सर उसमें एक दो ही ग़लती ही होती हैं । धुन पर लिखी गई ग़ज़ल प्रारंभिक अवस्‍था में काफी काम आती है ।
३) और गाते समय जहाँ जहाँ पर हम विराम लेते है वह पर ही हमे मात्रा क्रम निर्धारित कर है...
जैसे "मुहब्‍ब्‍त----" को आपने "ललाला......" पढ़ क्यों की आपने धुन के विराम के आधार पर अपने इस से इस तरह तोडा.. ( मु:1, हब्‍:2, बत:२)
उत्‍तर :- आप खुद उच्‍चारण करके देखें हम ऐसा ही करते हैं मु हब्‍ बत
४) मात्रा -> रुकन ->मिसरे ->शेर -> ग़ज़ल
उत्‍तर :- सही है
५)बहर :- रुक्‍नों का एक पूर्व निर्धारित विन्‍यास ही होता है | जैसे " ललाला-----ललाला----ललाला------ललाला" लेकिन गणित के हिसाब से देखे तो यहाँ पर बहर और रुकन निशित संख्या के ही विन्यास संभव है... क्या सब तरीके के बहर बन चुके है? क्या कुछ विन्यास ऐसे भी है जिन से बन ही नहीं सकते.
उत्‍तर :- ऐसा माना जाता है कि सभी विन्‍यास बन चुके हैं और पिछले कई सालों में कोई नई बहर नहीं आई है । लगभग डेढ़ सौ विन्‍यास चलन में हैं ।

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

19 कविताप्रेमियों का कहना है :

नीरज गोस्वामी का कहना है कि -

"मगर यदि मिसरा उला में काफिया आया है चलता और आपने सानी में ले लिया गिरता तो आपका काफिया हो गया 'ता' "
उस्तादों का कहना है की चलता से और गिरता से 'ता' हटा दे तो चल और गिर बचता है जो समान तुक के शब्द नहीं हैं इसलिए काफिये नहीं बन सकते, आप का क्या कहना है? गुरुदेव स्पष्ट करें.
नीरज

mehek का कहना है कि -

aaj ke udharan ke taur par liye sher bahut achhe hai,samajh mein thoda aaya.koshih jari hai sikhane ki.

sahil का कहना है कि -

सर जी दिन पर दिन आपकी शिक्षा मजेदार होती जा रही है, सच कहूँ टू जब पहले दिन आपकी कक्षा में उपस्थित हुआ तो(बुरा मत मानिएगा) मैं बोर हो गया था,पर आज के दिन लगता है की मैं कितना बेवकूफ था,.
बहुत बहुत धन्यवाद सर जी
आलोक सिंह "साहिल"

Alpana Verma का कहना है कि -

आज के अच्छे और सुलझे हुए पाठ के लिए शुक्रिया.
सारे पाठ प्रिंट कर के रखने योग्य हैं.

sunita (shanoo) का कहना है कि -

वक्‍़त की गोद से हर लम्‍हा चुराया जाए
इक नई तर्ज से दुनिया को बसाया जाए
गुरूदेव आज के इस शेर में काफ़िया है आया और रदीफ़ है जाए...क्या यह सही है?

tanha kavi का कहना है कि -

पंकज जी,
आपकी क्लास में अब खूब मन लगता है। इसी तरह हमें शिक्षा देते रहें।
गज़ल के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

-विश्व दीपक'तन्हा'

Shailesh Jamloki का कहना है कि -

गुरु जी मै आपकी बात से सहमत हू.. क्यों की कक्षा मै मेरे जैसे बच्चे भी है.. जो थोडा देर से समझ पाते है,..
गुरु जी मेरे सवाल है
१) काफिया बनाते समय किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए ?
२) आप क्या केवल कुछ काफियो को बताएँगे या सब पर थोडा थोडा कुछ कहेंगे.. मुझे सबसे अच्छा आं वाला काफिया लगा की कम प्रचलित है और ग़ज़ल तो बहुत ही खूबसूरत बन गयी उस से...
३) क्या मतला शब्द चयन का भी कानून बना देता है .. जैसे.. अगर मतले मै हमने हिंदी शब्दों का प्रयोग किया है तो. सारी ग़ज़ल मै इस तरह होना चाहिए.. ग़ज़ल की सुन्दरता की दृष्टि से...
४) क्या रस छन्द अलंकार यहाँ पर भी ग़ज़ल की सुन्दरता बड़ा सकते है?
५) जो कुछ भी मतले में दोहरा लिया जाता है वो फिर क़ाफिये का हिस्‍सा न रह कर रदीफ जैसा हो जाता है ।
६) मेरे ख्याल से ये अच्छा हो सकता है की आप हमे कुछ क्रियाकलाप दे करने को आज के विषय पर ताकि हम उसे कार्यान्वित कर पाएं...
शुक्रिया
शैलेश

hemjyotsana का कहना है कि -

aaj hi is kakshaa ko bhi GhonT liya..........
agli ke intjaar main....... aapke naye vidhayarthi

saadar....
hem

विपिन चौहान "मन" का कहना है कि -

गुरूजी
सादर प्रणाम
आप की कक्षा में मैं आज पहली बार उपस्थित हो रहा हूँ
और आज महसूस हो रहा हैं की इतनी देर से आ कर मैंने क्या खो दिया हैं
आप से जो ज्ञान प्राप्त हो रहा हैं वह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं
और भविष्य इस बात को सिद्ध भी कर देगा
शुभ कामनाओं सहित
विपिन चौहान "मन"

Nazar का कहना है कि -

yadi aap swyam hii qanoon 'क़ानून' ko kanoon 'कानून' likhenge to doosaron ko siikhaana mushkil ho jaayega...

Sunny Chanchlani का कहना है कि -

guru ji ye हज़ल kya hota hai kripya spashta kare.

Nabeel का कहना है कि -

अनंत व्यथा
एक कदम नहीं चल सकता
संसार पीछे छोड़ने की थी जिज्ञासा
आज अपाहिज बन बैठा
हाय कैसी है ये दुराशा

शिखर के छाती पर लिखा था अपना नाम कभी
आज उसे छू तक नहीं सकता
अब तो दर्शन भी दुर्लभ है लगता
अपना सर उठाओं भी तो कैसे
मुझ में अब वो बात नहीं दिखता

मैं अपने हिरदये की जवाला को
नैन रस से शांत करता

हर मोड़ हर गली में साजिश
सबकी निगाहें मुझपे जैसे
मैं बकडा, वो कसाई

अरे मुझे सीन्चो मुझे सजाओ
मैं विश्व का सबसे सुन्दर सबसे भिन्न फुलून वाला बगिया

जागो तुमने जिसे चुना है मेरा माली
वह स्वएं है सवार्थ का पुजारी

सब अवसरवादियों ने है पैठ बदहाली
कभी गुजरात कभी मुम्बई जैसे कांड से
अपनी मुकुट सजली


कितने कलियों की लालसा खिलने की थी
परन्तु इसके रक्षक ने दल ही काट डाली
बेचारी कलि तड़प तड़प कर मुरझा गयी
हाय! यह कैसा था माली

आश्चर्य, इन्होने भगवान् की शक्ति भी छिन्न कर डाला
अगर राम अयोध्या तक ही तो फिर नभ में कैसे फैला उजाला

यह कैसी श्रद्धा कैसा है प्रेम निराला
पालित ने ही पलक को निम्न बना डाला

यह एक नहीं ऐसे अनेक बादलों ने दीपक रोक
फैला रखा है अन्ध्यारा

अब तो मुझे मेरा मुकुट ही नहीं भाता
इसके रत्तन ने मुझ को ही घायल कर डाला
मैं असमंजस में! क्या मैं ही हूँ भारत
जिसने कबीर, भरत और नानक जैसे लाल को था पला

नबील खान

sharad tailang का कहना है कि -

मेरे हिसाब से मुहब्बत की झूटी कहानी पे रोए गीत है ग़ज़ल नही जैसा अपने रदीफ़ में बताया क्योकि उसके अंतरे में तीन पंक्तिया है. १ न सोचा न समझा २ तेरी आरजू ने हमें ३ जिए तो मगर जिंदगानी पे रोए शरद तैलंग

oakleyses का कहना है कि -

longchamp outlet, ray ban sunglasses, ugg boots, michael kors outlet online, michael kors outlet, nike air max, louis vuitton outlet, christian louboutin shoes, oakley sunglasses, michael kors outlet online, christian louboutin, uggs outlet, christian louboutin outlet, cheap oakley sunglasses, polo outlet, burberry outlet, louis vuitton outlet, kate spade outlet, ugg boots, replica watches, prada handbags, longchamp outlet, nike outlet, chanel handbags, tiffany and co, christian louboutin uk, tiffany jewelry, replica watches, oakley sunglasses, polo ralph lauren outlet online, jordan shoes, oakley sunglasses wholesale, gucci handbags, michael kors outlet online, michael kors outlet online, michael kors outlet, louis vuitton outlet, prada outlet, tory burch outlet, nike air max, louis vuitton, nike free, longchamp outlet, oakley sunglasses, burberry handbags, louis vuitton

oakleyses का कहना है कि -

abercrombie and fitch uk, hogan outlet, coach outlet, jordan pas cher, nike roshe run uk, kate spade, sac vanessa bruno, north face, hollister uk, true religion jeans, hollister pas cher, true religion outlet, ray ban uk, burberry pas cher, new balance, mulberry uk, polo ralph lauren, michael kors, coach outlet store online, nike free run, north face uk, nike air force, lululemon canada, true religion outlet, sac hermes, louboutin pas cher, longchamp pas cher, guess pas cher, nike air max, nike tn, ray ban pas cher, nike air max uk, michael kors outlet, nike roshe, coach purses, nike free uk, ralph lauren uk, air max, vans pas cher, replica handbags, nike air max uk, michael kors, sac longchamp pas cher, true religion outlet, oakley pas cher, polo lacoste, timberland pas cher, nike blazer pas cher, michael kors pas cher, converse pas cher

oakleyses का कहना है कि -

asics running shoes, mac cosmetics, hermes belt, giuseppe zanotti outlet, nike roshe run, mcm handbags, abercrombie and fitch, ferragamo shoes, reebok outlet, iphone 6s cases, bottega veneta, nike trainers uk, instyler, valentino shoes, hollister clothing, hollister, s6 case, oakley, north face outlet, nike huaraches, iphone 6s plus cases, mont blanc pens, soccer jerseys, lululemon, timberland boots, soccer shoes, ipad cases, wedding dresses, north face outlet, nike air max, ghd hair, iphone cases, nfl jerseys, iphone 5s cases, beats by dre, insanity workout, vans outlet, baseball bats, ralph lauren, louboutin, p90x workout, jimmy choo outlet, chi flat iron, celine handbags, longchamp uk, new balance shoes, babyliss, iphone 6 plus cases, herve leger, iphone 6 cases

oakleyses का कहना है कि -

doudoune moncler, karen millen uk, wedding dresses, hollister, nike air max, pandora jewelry, pandora charms, ugg,ugg australia,ugg italia, ugg uk, moncler, moncler, doke gabbana, thomas sabo, canada goose outlet, converse, pandora jewelry, converse outlet, juicy couture outlet, vans, canada goose outlet, juicy couture outlet, moncler outlet, lancel, canada goose jackets, louis vuitton, ugg pas cher, canada goose, ugg,uggs,uggs canada, canada goose outlet, louis vuitton, hollister, canada goose, ray ban, replica watches, toms shoes, louis vuitton, coach outlet, canada goose uk, barbour uk, canada goose, pandora uk, louis vuitton, moncler, marc jacobs, gucci, moncler outlet, moncler uk, louis vuitton, links of london, montre pas cher, ugg

raybanoutlet001 का कहना है कि -

pandora charms
miami heat jersey
nike trainers
cheap oakley sunglasses
michael kors outlet
canada goose jackets
broncos jerseys
oklahoma city thunder jerseys
fitflops sale clearance
michael kors outlet

1111141414 का कहना है कि -

michael jordan shoes
nmd r1
nike air max 90
yeezy sneakers
air jordans
kobe bryant shoes
hogan outlet
michael kors outlet
kobe 9
nike air zoom

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)