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Thursday, March 22, 2007

हिन्द-युग्म को मिला यूनिमीमांसक


कविता-प्रेमियो,


अंतरजाल पर हिन्दी साहित्य और छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति जयप्रकाश मानस से अधिक समर्पित व्यक्ति सम्भवतः और कोई नहीं है। ब्लॉग से चलकर सृजनगाथा तक की उनकी सृजनयात्रा किसी सरिता के समुद्र में मिलने जैसी ही है। कई बार तो हम पाठकों को संशय होता है कि ज़रूर ईश्वर ने उन्हें १२ घण्टे की जगह २४ घण्टे का दिनमान दे रखा है या एक ही नाम से कई लोग हिन्दी के लिए कार्यरत हैं। सम्भवतः महान लोग सदैव ही साधारण मनुष्यों की दृष्टि से परे होते होंगे।



जैसे भास्कर की रश्मियों के स्पर्श से धरा चमकने लगती है, जैसे कोयल के कूकने से सम्पूर्ण उपवन गुलज़ार हो जाता है, जैसे मेघों के नाद से मोर-मन नाच उठता है, जैसे शंखनाद से पूरा ब्रह्माण्ड पावन हो जाता है, वैसे ही इस साहित्यकार के आने से हमारा हिन्द-युग्म धन्य हो गया है।



कई पुरस्कारों से सम्मानित कवि, ललित निबंधकार श्री जयप्रकाश मानस हिन्द-युग्म पर प्रतिमाह प्रकाशित कविताओं की समीक्षा करने के लिए तैयार हुये हैं। इस वरिष्ठ साहित्यकार की काव्य-विवेचना से हिन्द-युग्म के कवियों को काव्यबल भी मिलेगा और दिशानिर्देश भी। कौन कवि या लेखक नहीं चाहता कि उसकी रचनाओं की मीमांसा मानस जैसा साहित्यकार करे!


हम यह अवसर हिन्द-युग्म के कवियों को और पाठकों को दे रहे हैं। प्रत्यके माह की १० वीं तिथि को विगत माह के कविताओं की समीक्षा जयप्रकाश मानस द्वारा हिन्द-युग्म के मुख्य-पृष्ठ पर प्रकाशित कर दी जायेगी।


यद्यपि अंतरजाल पर हिन्दी-साहित्य में रुचि रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानस से परीचित है, फिर भी नये पाठकों की सुविधा के लिए हम उनका संक्षिप्त-परिचय प्रकाशित कर रहे हैं-



'जयप्रकाश मानस'
(प्रधान सम्पादक- सृजनगाथा)

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मूल नाम- जयप्रकाश रथ
जन्मतिथि- २ अक्टूबर, १९६५
शिक्षा-
एम॰ए॰ (भाषा विज्ञान), एम॰एस॰सी॰ (आई॰टी॰)


प्रकाशित कृतियाँ


कविता संग्रह


१॰ तभी होती है सुबह

२॰ होना ही चाहिए आँगन



ललित निबंध


दोपहर में गाँव (पुरस्कृत)


बाल साहित्यः बाल गीत



पुरस्कार एवम् सम्मान


१॰ कादम्बिनी पुरस्कार (दी टाईम्स ऑफ़ इंडिया)


२॰ विसाहू दास महंत पुरस्कार


३॰ अस्मिता पुरस्कार


४॰ अंबेडकर फ़ैलोशिप, दिल्ली


५॰ अंबिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण एवम् अन्य ३ सम्मान



शासकीय चाकरी


१॰ परियोजना निदेशक, संपूर्ण साक्षरता अभियान, जिला-रायपुर


२॰ परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन, जिला-रायपुर


३॰ उप संचालक, शिक्षा, जिला-रायगढ़


४॰ सचिव, छत्तीसगढ़ संस्कृत बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर


५॰ सचिव, छत्तीसगढ़ी भाषा परिषद, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर


६॰ विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, छ॰ग॰ हिन्दी ग्रंथ अकादमी, रायपुर


७॰ संपादक, अंजोर (शिक्षा विभाग की त्रैमासिक पत्रिका)

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तो इंतज़ार कीजिए १० अप्रैल, २००७ का और स्वागत कीजिए मानस का हिन्द-युग्म पर।


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9 कविताप्रेमियों का कहना है :

Gaurav Shukla का कहना है कि -

आदरणीय मानस जी,"हिन्द-युग्म" में आपका हार्दिक स्वागत, अभिनन्दन | आपका मार्गदर्शन और समीक्षायें हमारे सभी कवि मित्रों के लिये बहुत उपयोगी सिद्ध होंगी और उन्हें उत्तरोत्तर उत्तम लेखन के लिये प्रेरित करती रहेंगी|आपका सान्निध्य अन्य नये कवियों के आत्मविश्वास की वृद्धि में सहायक होगा| आपके प्रति मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूँ जो आपने अपने अत्यन्त व्यस्त समय का कुछ भाग "हिन्द-युग्म" को देने का सौभाग्य दिया है|आपका "हिन्द-युग्म" से जुडना इसकी अभूतपूर्व उपलब्धि है, और यह स्वयं ही युग्म की असाधारण सफलता का परिचायक है,पुनः आभार|
"हिन्द-युग्म" के लिये यह अत्यन्त गौरवशाली क्षण है कि आज इसे आदरणीय जयप्रकाश मानस जी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार का मार्गदर्शन प्राप्त करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है|हिन्दी को समर्पित ऐसे सुधी,विलक्षण प्रतिभा की आभा से "हिन्द-युग्म" साहित्य के आकाश में निश्चित ही ध्रुव तारे सा सुशोभित हो जायेगा| आप मित्रों द्वारा बोया गया यह बीज श्री मानस जी के शुभाशीष से सिंचित हो शीघ्र ही एक विशाल वटवृक्ष का रूप लेगा ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है|
"हिन्द-युग्म" के संचालकों/प्रबंधकों,सभी सदस्यों को मेरी तरफ से बहुत बहुत बधाई
मानस जी का पुन: अभिनन्दन
माह कि १०वीं तिथि की प्रतीक्षा रहेगी
:)

सस्नेह
गौरव शुक्ल

Sanjeet Tripathi का कहना है कि -

साधु साधु।
रायपुर का ही होने के कारण मैं मानस जी के नाम से परिचित हूं
निश्चित ही यह एक अच्छा कदम है।
शुभकामनाएं

मोहिन्दर कुमार का कहना है कि -

आदरणीय मानस जी,"हिन्द-युग्म" पर आपके पदापर्ण के लिये हम आपके आभारी हैं.
किसी भी विधा के विकास के लिये मार्ग दर्शन व आलोचना सामान रुप से अनिवार्य है और हमें पूर्णरूप से विश्वास है कि आप के सानिध्य में हमें इन दोनों की कमी नही रहेगी..

प्रतीक्षारत
मैं व हिन्द-युग्म के अन्य कवि मित्र

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

आदर्णीय मानस जी आपके हिन्द युग्म को मिले स्नेह का धन्यवाद। हमें आईना दिखाये जाने की बेहद आवश्यकता थी और आप जैसे प्रबुद्ध साहित्यकार यदि मार्गदर्शक हों तो फिर निश्चय ही युग्म पर कवितायें प्रेषित करते हुए मन हर्षित रहेगा कि हमारी कमियाँ आंकी जायेंगी, हमें बेहतर लिखनें का मनोबल मिलेगा।

युग्म पर आप की प्रतीक्षा में...

*** राजीव रंजन प्रसाद

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

मानस जी,

वैसे मैंने अपने उद्‌गार तो लिख दिये हैं, फिर भी समवेत स्वर में मैं भी कहूँगा कि हिन्द-युग्म पर आपका बारम्बार अभिनंदन!

गिरिराज जोशी "कविराज" का कहना है कि -

आदरणीय मानस जी,"हिन्द-युग्म" में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन| आप जैसे वरिष्ठ साहित्यकार का मार्गदर्शन प्राप्त कर हम निश्चय ही अपनी कलम को सही दिशा पे पायेंगे।

पुनश्च अभिनन्दन.

पंकज का कहना है कि -

मुझे खुशी है कि अब हमैं जयप्रकाश मानस जी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ करेगा।
मैं मानस जी का तहेदिल स्वागत करता हूँ।

Anupama का कहना है कि -

Aapka tahe dil se swagat hai Hind-Yugm jagat mai.Its very nice to have a gem like you....and Thankyou to you too shaileshji for discovering this gem for us.

shrdh का कहना है कि -

aapka bhaut bhaut sawagat hai manas ji aapko padhne ka avsar mila hai hindi yugm ka madhayam se ye waqayi bhaut badhi uplabdhi hai

aapke intezaar main

shrddha

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