एक छोटी बच्ची ने पूछा
अपनी माँ से
ये आतंकवाद क्या है?
वो क्यों फोड़ते हैं बम?
क्यों मारते हैं?
मेरी सहेली और उसके पापा को
उस बेटी को समझा न सकी -
उसकी माँ कुछ भी
क्योंकि उस बालमन की दुनिया में
नहीं है नफरत, ईर्ष्या और द्वेष कोई
और न ही है कोई शब्द
उसके शब्दकोष में
आतंकवाद जैसा कोई ..............................................
--नीलम मिश्रा






