देखा जो तुमको मैंने, देखना लगे है सुहाना
तुम हौले से मुसकाए, जीना लगे है सुहाना
तुम हृदय-विभोर हुए जब, चंपा भी महका खुलके
वो बाहों में शरमा के, आना लगे है सुहाना
हाथों को थामा तुमने, आँखों में प्यार छलकाकर
क्षण में दुनिया की खुशियाँ, पाना लगे है सुहाना
मेरे आँसू तुमने सँजोए, सपने भी बटोर लिये हैं
इस प्यार में डूब गया मैं, भीगना लगे है सुहाना
तुम अर्थ नया जीवन का, तुम किरण नयी आशा की,
भर गये ज़ख्म यूँ तुम्हारा, चूमना लगे है सुहाना
तुषार जोशी, नागपुर
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