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Friday, November 26, 2010

आंख में तिनका या सपना


ताकती क्या है रे मनिया
मिस जोजो की आंख में
सपना है की तिनका है
चुभता है जो आंख में?
सपना भी कहीं चुभता है ?

माई कहती थी
गरीबन के आंख में
सपना भी चुभता है
कभी कभी तो माई
अजबे बात करती
कहती भूख में गुल्लर मीठी

एक बार बाबा के साथ माई
घूमने गयी मेला
कोई चोर भाग रहा था
उसके पीछे भाग रहे थे लोग
डरकर माई ने पकड़ लिया बाबा का हाथ
और छोड़ना भूल गयी
वहीँ बाबा ने खींचकर
एक थप्पड़ लगाया
और कहा
कहाँ से सीख आई ये शहरातू औरतों वाली चाल ?

बाद को ये किस्सा माई
बाबा की तारीफ में
सबको सुनाती
हंस-हंस कर थोडा लजाती हुई
एकदम वैसे जैसे मिस जोजो
सुनाती हैं अपने प्रेमियों के
चटपटे किस्से
जब भी दिन के वक्त कभी
बाबा माई को मारते
तो माई झट से
चूल्हे के पास बैठकर
धूंआ कर लेती
उसकी आँख से झरझर
आंसू गिरतें
कहती इस बार लकड़ी बहुत गीली है
आँख मैं धूंआ लगता है
या कहती कोई तिनका
उड़कर आ गया है आँख में

मिस जोजो दिन के वक्त
मनिया को बहुत अच्छी लगती
पर रात के वक्त उनकी आँखे
टेसू के फूल की तरह लाल
डर के मारे छिप जाती
मनिया रसोई में

और थोड़ी देर बाद
एक बाबू आता सीधे घुस जाता
मिस जोजो के कमरे में
सुबह मिस जोजो की आँख से
वो लाली गायब
शायद वो बाबू ही ले जाता होगा
कोई जादूगर ही होगा!

आज सुबह से ही मिस जोजो की
आँख से
झर-झर गिर रहे हैं आंसू
मनिया कहती है
आँख में कोई तिनका आ गया होगा
मिस जोजो कहती हैं
धत् पगली !
तिनका आँख में आ जाए
तो इतने आंसू नहीं बहते
ये तो यूँ तब बहते हैं
जब टूटता है कोई सपना

मनिया हैरान है
सोचती है
माई की आँख में तो तिनका.....!


अच्युतानंद मिश्र


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7 कविताप्रेमियों का कहना है :

Anonymous का कहना है कि -

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रंजना का कहना है कि -

मुग्ध और मौन कर दिया इस अद्वितीय कविता ने...

प्रशंसा को शब्द कहाँ से लाऊं ,बिलकुल भी नहीं समझ पा रही...

निर्मला कपिला का कहना है कि -

सुन्दर भावमयी कविता। बधाई।

sada का कहना है कि -

तिनका आँख में आ जाए
तो इतने आंसू नहीं बहते
ये तो यूँ तब बहते हैं
जब टूटता है कोई सपना

सुन्‍दर शब्‍दों के साथ भावमय प्रस्‍तुति ।

arsi chauhan का कहना है कि -

3 sall pahle vagartha men pada tha. yahan padakar bahut khushi ho rahi hai.bathai.

arsi chauhan का कहना है कि -

bahut din bad bhai misra jee ki kavita padane ko mili.3 sall pahle vagartha men pada tha. yahan padakar bahut khushi ho rahi hai. sundar rachana ke liye badhai.

pravesh soni का कहना है कि -

बहुत ही भाव पूर्ण रचना है
तिनका आँख में आ जाए
तो इतने आंसू नहीं बहते
ये तो यूँ तब बहते हैं
जब टूटता है कोई सपना..
ह्रदय स्पर्शी रचना के लिए बधाई

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