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Thursday, December 11, 2008

आज फिर वही बात है .....


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आज फिर वही बात है .....

आज फिर कुछ बातें याद आई हैं
बेटी के स्कूल का कुछ सामान ...
किसी की शादी का तोहफा खरीदना ....
आफिस की मीटिंग में कहनी एक ज़रूरी बात ....
और ....
ज़हन में काफ़ी देर से घूमता
मुकम्मल होने को तरसता
एक खूबसूरत मिस्रा .....

सोचती हूँ एक कागज़ पर लिख लूँ
के भूल न जाऊं बातें जो याद आयीं हैं

मगर फिर वही गुज़ीदा* मजबूरी, वही बात है
आज फिर वही हालात है
.
.
आज फिर आटे से सने हाथ हैं .............
.
.
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RC
Dec ०९, 2008

(*गुज़ीदा = ख़ुद चुनी हुई /chosen)
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19 कविताप्रेमियों का कहना है :

डॉ .अनुराग का कहना है कि -

खूबसूरत ......खूबसूरत ..........खूबसूरत........

रंजना [रंजू भाटिया] का कहना है कि -

वाह बहुत सुंदर बात लिखी आपने

sahil का कहना है कि -

behad sundar
ALOK SINGH "SAHIL"

Harkirat Haqeer का कहना है कि -

वाह...! दिल छू गई आपकी रचना। अंतिम पंक्‍ति में कविता की जान है... बहुत -बहुत बधाई।

तपन शर्मा का कहना है कि -

सुंदर... कुछ और क्या कहें...

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

अच्छी नज़्म...

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

ना लिख सके कागज पर तब ये बात हुई
लिख सकोगे तो जाने क्या बात होगी
उगेंगे हाजार तारें दिन मैं भी उस दिन
मरमरी सुबह से भी रोशन वो रात होगी

RC का कहना है कि -

Bhupendra ji ..
Bahut khoob! Bahut khoob!

RC

M.A.Sharma "सेहर" का कहना है कि -

अद्त्भुत नज़्म !!!
भावपूर्ण,अर्थपूर्ण

आटे से सने हाथो से .....

सम्पूर्ण !

devendra का कहना है कि -

आज फिर वही गु़जीदा मजबुरी, वही बात है
आज फिर वही हालात है
-
-
इनपंक्तियों को पढ़ कर भी कैसे न कहूँ--
वाह! क्या बात है।
-देवेन्द्र पाण्डेय।

rachana का कहना है कि -

कविता पढने के बाद बस इतना कहा गया क्या बात है .
एसी मजबूरियां आएँगी जीवन में बार बार
क्यों न दिल पे यादो से लिखना सीखा जाए
सुंदर रचना के लिए बधाई
रचना

manu का कहना है कि -

तारीफ दिल खोल कर ...
बहुत बहुत मुबारक बाद है आपको इस नज़्म पे.....
खूबसूरती से कही रोज़मर्रा की बात .......

vinay k joshi का कहना है कि -

कही गहरे तक असर किया आपके शब्दों ने | स्तब्ध से विचार में खो गए |
.
मौत तो पसीज जायेगी मेरी मजबूरिया देख कर,
पर ये जर्जरित जिस्म दगा देगा |
.
विनय

neelam का कहना है कि -

itna behtareen likh to nahi sakte ,
magar ittefak to rakh hi sakte hain ,raaghav ji ki hausla aafjaai ,jin sabdon me aap ke liye aayi hai ,wallah .sirf itna hi kahenge ,misra to jaroor poora hona chaahiye ,chaahe kaise bhi haalat ho ,parvardigar ne jo hunar aapko baksha hai,uski ibaadat hi samajh kar kariye kisi bhi haalat me ,aaaaffffffffrrrrreeeeeeennnnnnn

neelam का कहना है कि -

vinay ji ,
murdadil kya khaak jiya karte hain ,humne to suna hai ,

jindagi jindadili ka naam hai .

sumit का कहना है कि -

बहुत बढिया
ऐसी मजबूरी हर कवि या शायर के साथ होती ही रहती है, आपने इसे बहुत सुन्दर शब्दो मे पिरोया
सुमित भारद्वाज

RC का कहना है कि -

Thanks everybody! Thank you so much!!

दिगम्बर नासवा का कहना है कि -

रोज़मर्रा की जिंदगी बयान करती, बहुत ही खूब सूरत नज्म.........

संगीता पुरी का कहना है कि -

वाह ! बहुत सुंदर।

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