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Wednesday, October 29, 2008

***** दर्द दिल में है पर मुस्करा


दर्द दिल में है पर मुस्करा
साँस खुलकर ले और खिलखिला

कर्ज तेरा है तू ही चुका
सर मगर अपना तू मत झुका

हाँ गिले-शिकवे होंगे सदा
तोड़ मत प्यार का सिलसिला

गर नहीं दम कि सच कह सके
बैठ तू बन कर इक झुनझुना

मत जुबाँ सी, अरे ‘श्याम’ तू
चोट खाई है तो बिलबिला

फ़ाइलुन,फ़ाइलुन,फ़ाइलुन
2[1]11,2[1]11,2[1]11,
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10 कविताप्रेमियों का कहना है :

गगन शर्मा, कुछ अलग सा का कहना है कि -

आपको सपरिवार दीपोत्सव की शुभ कामनाएं। सब जने सुखी, स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें। यही प्रभू से प्रार्थना है।

सीमा सचदेव का कहना है कि -

गर नहीं दम कि सच कह सके
बैठ तू बन कर इक झुनझुना
सही कहा आपने बोलो तो सच्च बोलो वरना चुप रहना भला | सुंदर ....सीमा सचदेव

Unknown का कहना है कि -

गर नहीं दम कि सच कह सके
बैठ तू बन कर इक झुनझुना
पूरी गज़ल ही सुन्दर है पर ये शे'र सबसे अच्छा लगा

सुमित भारद्वाज

Udan Tashtari का कहना है कि -

हाँ गिले-शिकवे होंगे सदा
तोड़ मत प्यार का सिलसिला

-बहुत खूब!

हरकीरत ' हीर' का कहना है कि -

मत जुबाँ सी, अरे ‘श्याम’ तू
चोट खाई है तो बिलबिला
वैसे तो ऊपर की दो पंक्‍तियाँ पढ़कर ही समझ गई थी कि आप ही होगें। बहोत बढिय...! लगा कि कुछ पढा़ है।
ये शेर सबसे ज्‍यादा प्रभावी लगा। एक और बढि़या गजल के इन्‍तजार में...

Anonymous का कहना है कि -

हाँ गिले-शिकवे होंगे सदा
तोड़ मत प्यार का सिलसिला

गर नहीं दम कि सच कह सके
बैठ तू बन कर इक झुनझुना
क्या खूब लिखा है सच है
सच कहना चाहिए वरना बस ........

Anonymous का कहना है कि -

मत जुबाँ सी, अरे ‘श्याम’ तू
चोट खाई है तो बिलबिला-वाह स्ट्रेस दूर कराने का बढ़िया सुझाव है -अच्छी ग़ज़ल पर बढ़ाई -अनाम

दीपाली का कहना है कि -

अत्यन्त प्रेरणादायक शब्द...
सिमित शब्दों में बहुत खूब लिखा है.

Anonymous का कहना है कि -

waah,dil khush ho gaya.sundar
ALOK SINGH "SAHIL"

तपन शर्मा Tapan Sharma का कहना है कि -

"दर्द दिल में है पर मुस्करा
साँस खुलकर ले और खिलखिला"

अच्छी शिक्षाप्रद गज़ल श्याम जी..

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