Thursday, September 18, 2008

यादें

किरणों के
पांखी तो
दिन
माह
बरस को
यादों में बदल
उड़ जाते है,
रह जाते है हम
सुनसान द्वीप में
धधकते ज्वालामुखी की तरह
बूंद बूंद झुलसते सपने
राख राख उछलते लम्हे
जलते
पिघलते
उबलते
तह दर तह
जमा होते अहसास
पर्वत के अश्रु
पत्थर होने से लेकर
सूरज के कदमों तले
रौंदे जाने तक
संज्ञाशून्य बने रहना है
या........
दर्द का ज्वालामुखी
सीने में दफ़न किए
एक दिन ख़ुद ही
दफ़न हो जाना है |
.
विनय के जोशी

14 टिप्पणी:

Harihar said...

रह जाते है हम
सुनसान द्वीप में
धधकते ज्वालामुखी की तरह
बूंद बूंद झुलसते सपने
राख राख उछलते लम्हे
बहुत सुन्दर कविता विनय जी!

seema gupta said...

दर्द का ज्वालामुखी
सीने में दफ़न किए
एक दिन ख़ुद ही
दफ़न हो जाना है
" bhut sunder or sach, srahneye"
REgards

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav said...

वाह विनय जी गजब की अभिव्यक्ति

दर्द का ज्वालामुखी
सीने में दफ़न किए
एक दिन ख़ुद ही
दफ़न हो जाना है

सुन्दर

शैलेश भारतवासी said...

सुंदर बिम्ब।

pooja anil said...

या फ़िर,
बनके
बूँद एक ओस की
फना हो जाना है .

यही तो जीवन की कविता है. बहुत खूब,विनय जी

deepali said...

बार-बार पढने का मन कर रहा है..ऐसा लग रहा है की जैसे अपनी ही अनकही भावनाओ को शब्द रूप में देख रही हु.
यथार्थ और गंभीर कविता

शोभा said...

जलते
पिघलते
उबलते
तह दर तह
जमा होते अहसास
पर्वत के अश्रु
पत्थर होने से लेकर
सूरज के कदमों तले
रौंदे जाने तक
संज्ञाशून्य बने रहना है
बहुत सुंदर. वाह!

Alok Shankar said...

bimb kaafi ache hai

rachana said...

दर्द का ज्वालामुखी
सीने में दफ़न किए
एक दिन ख़ुद ही
दफ़न हो जाना है
बहुत खूब
बधाई
सादर
रचना

devendra said...

शब्द--बिम्ब---प्रवाह सभी मन मोहक हैं।
अंत घोर निराशावादी है।
-------------------
--सूरज के कदमो तले
रौंदे जाने तक
संग्याशून्य बने रहना है
या-------------
दर्द का ज्वालामुखी
सीने में दफन किए
एक दिन ख़ुद ही
दफ़न हो जाना है।
--के पश्चात मेरे विचार से
या--------।
लिखकर
एक और विकल्प की संभावना छोड़ देनी चाहिए थी।
--देवेन्द्र पाण्डेय।

तपन शर्मा said...

विनय जी, क्या खूब बिम्ब हैं... सुंदर..

vinay k joshi said...

सराहने एवं मार्गदर्शन हेतु आभार |
आप सब का प्रोत्साहन ही प्रेरणा है |
सादर,
विनय

sahil said...

behad umda
ALOK SINGH "SAHIL"

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत सुंदर!