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Sunday, August 03, 2008

अनहद खुशियों का आगाज़ है दोस्ती


शाह औ' मुफलिसों का नाज है दोस्ती
सभी रिश्तों का सरताज है दोस्ती

ज़िन्दगी नाम है रंजो-गम अशआर का
उदास तरानों का साथी साज है दोस्ती

बिखरी आस-पास पर दिखाई ना दे
खुशियों के खजाने का राज है दोस्ती

मुरीदों के कारवाँ मिलेंगे हर मोड़ पर
अनहद खुशियों का आगाज़ है दोस्ती

साँसों में धड़कन पिरों जिन्दा हैं सभी
पर विशेष जीने का अंदाज है दोस्ती

कवि- विनय के जोशी

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3 कविताप्रेमियों का कहना है :

BRAHMA NATH TRIPATHI का कहना है कि -

बिखरी आस-पास पर दिखाई ना दे
खुशियों के खजाने का राज है दोस्ती

मुरीदों के कारवाँ मिलेंगे हर मोड़ पर
अनहद खुशियों का आगाज़ है दोस्ती

विनय जी आप की ग़ज़ल के ये दो शेर काफ़ी अच्छे लगे
और ग़ज़ल भी पसंद आई

kusum का कहना है कि -

ज़िन्दगी नाम है रंजो-गम अशआर का
उदास तरानों का साथी साज है दोस्ती
वाह ! वाह ! उदास तरानो का साज है दोस्ती आपकी कविताए बहुत अच्छी लगती है \ आपका ब्लॉग भी पढ़ा |
कुसुम कवित्कर

rachana का कहना है कि -

sunder ati sunder
saader
rachana

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