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Saturday, August 16, 2008

स्वाधीनता दिवस




स्वाधीनता दिवस
जश्न,उत्सव
देशभक्ति गीत और भाषण
और देशभक्ति
नदारद


शहीदों को श्रद्धांजलि
ध्वजारोहण
इतिहास का गौरव गान
बड़े-बड़े वादे
बधाइयों का आदान-प्रदान
और कर्तव्यों की इति


कुछ ही देर बाद
देश को लूटने की योजनाएँ
एकता पर प्रहार
वोट की राजनीति
और कुटिल अट्टाहस


और जनता.....
नेताओं पर दोषारोपण
आरोप-प्रत्यारोप
अपने कर्तव्यों से अंजान
मेरा देश महान

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7 कविताप्रेमियों का कहना है :

राज भाटिय़ा का कहना है कि -

कुछ ही देर बाद
देश को लूटने की योजनाएँ
एकता पर प्रहार
वोट की राजनीति
और कुटिल अट्टाहस
बहुत खुब लिखा हे आप ने वो सब जो एक सच हे ,धन्यवाद इस कविता के लिये

RAVI KANT का कहना है कि -

शोभा जी,
सच को उजागर करती रचना। स्व्तंत्रतादिवस पर लेखनी के साथ पूरा न्याय किया है आपने।

दीपक भारतदीप का कहना है कि -

मैंने आपका ब्लाग देखा। आपका प्रयास सराहनीय है। मै आपका यह ब्लाग अपने ब्लाग पर लिंक कर दूंगा। वाकई आपके प्रयास बहुत सराहनीय हैं।
दीपक भारतदीप

venus kesari का कहना है कि -

शोभा जी भाव से भरी तथा सत्य को उजागर करती कविता के लिए हार्दिक बधाई सही समय पर सटीक व्यंग को किसी भी दशा मे नज़रंदाज़ नही किया जा सकता है ............

वीनस केसरी

सुनीता शानू का कहना है कि -

स्वाधीनता दिवसजश्न,
उत्सवदेशभक्ति गीत
और भाषण
और देशभक्ति नदारद
यही है सच्चाई शोभा दी...बिलकुल सही लिखा है

rachana का कहना है कि -

shobha ji
bahut sachchi baten ,achchhi lagi
saader
rachana

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

वाह !

कलम के प्रहरी का
सटीक प्रहार

देशभक्ति नदारद
कर्तव्यों की इति
कुटिल अट्टाहस
कर्तव्यों से अंजान
और
मेरा भारत महान

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