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Friday, January 11, 2008

पंजाबी मुंडों की सूफियानी प्रस्तुति (हिन्द-युग्म का नया गीत)


सूफियाने संगीत की रुमानियत कुछ अलग ही होती है, सजीव जी की तमन्ना थी कि युग्म के पहले एल्बम में भी एक सूफी गीत अवश्य हो, इसलिए जब इन्हें ऑरकुट पर तलाशते-तलाशते पेरुब मिले तो उम्मीदों को पंख लग गए, २५ वर्षीय पेरुब बेहद प्रतिभाशाली संगीतकार है, सजीव जी ने उन्हें यह गीत भेजा और उन्होंने मात्र १० मिनट में ही इसकी धुन तैयार कर दी, पंजाब के लुधियाना में रहने वाले पेरुब की इस धुन को अपनी आवाज़ दी है अमनदीप कौशल और जोगी सुरेंदर ने, जो पेरुब की ही संगीत मंडली के अंग हैं, सजीव जी को उम्मीद है की यह गीत आप सब को पसंद आएगा, इसके अभी दो अन्य संस्करण पर भी पेरुब की टीम काम कर रही है, तब तक आप इस गीत का आनंद लें और अपनी राय रखें, ताकि हम अपनी कमियों को सुधार कर इसे और बेहतर बना सकें।

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यदि आप इस गीत को उपर्युक्त प्लेयर से नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

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गीत के बोल-

मेरी रूह की
बेजारियों को
रंग तू ज़र्द दे,
मैं समझूँ पीर परायी,
मेरे मौला मेरे मौला,
मैं समझूँ पीर परायी,
मुझे दर्द दे
मुझे दर्द दे,
मुझे दर्द दे, मुझे दर्द दे...

1.

मुझे गम की धूप में दे जला,
काँटों पे सुला, शोलों पे चला,
बेशक तू ले मेरा इन्तहा, मेरे खुदा,
पर दे मुझे तू हौसला, मेरे खुदा,
मुझे और निखार दे ज़रा,
मुझे और संवार दे जरा,
मेरी तड़प,
मेरे जनुँ को,
हिम्मतों का अर्श दे,
मैं मांगू खैरे- खुदाई
मेरे मौला,
मेरे मौला,
मुझे दर्द दे मुझे दर्द दे ......

2.

मुझको मिले तेरी सोहबतें,
मुझ पर रहें तेरी रहमतें,
दरवेश मैं तेरे इश्क का,
शैदाई मैं तेरे हुस्न का,
तेरा करम, तेरी मेहर,
माँगूँ यही शामो-सहर,
मेरी ख्वाहिशें, बेदार कर
मुझे गर्दिशें, बे-गर्द दे,
मैं देखूँ नूर-ऐ-इलाही,
मेरे मौला
मेरे मौला
मुझे दर्द दे मुझे दर्द दे



युग्म के अब तक के स्वरबद्ध गीत आप यहाँ सुन सकते हैं -
सुबह की ताज़गी
वो नर्म सी...
ये ज़रूरी नही
तू है दिल के पास
एक झलक
बात ये क्या है जो

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30 कविताप्रेमियों का कहना है :

रंजू का कहना है कि -

बहुत अच्छा लगा यह प्रयास भी ...सूफी संगीत का अपना ही मज़ा है और मुझे बहुत पसंद है ...बहुत अच्छी लगी यह आवाजे भी ..!!

seema gupta का कहना है कि -

समझूँ पीर परायी,
मेरे मौला मेरे मौला,
मैं समझूँ पीर परायी,
मुझे दर्द दे
मुझे दर्द दे,
मुझे दर्द दे, मुझे दर्द दे...
"गीत के बोल बहुत सुंदर हैं, खासकर "मुझे दर्द दे" सुन कर दिल खो सा जाता है , बहुत अच्छा लगा'
wonderful, Regards

संजय बेंगाणी का कहना है कि -

लाजवाब हो गये. बहुत खुब.

Niran का कहना है कि -

nice sing really liked it nice music i really liked the humming :-)

मोहिन्दर कुमार का कहना है कि -

सुन्दर शब्द है.. लय भी सुन्दर है.. सिर्फ़ बेकग्राऊंड में जो आवाज है वो कुछ जम नहीं रही.
आपके प्रयास काविले तारीफ़ हैं

Alpana Verma का कहना है कि -

*यह नया गीत एक नयापन लिए हुए है.लगता है आप एल्बम में नवरंग और नवरस भरने की तैय्यारी में हैं.बहुत अच्छा विचार है.इस से monotony नहीं होगी.
*गीत में एक ठहराव है सुकून है.
*.गीत की शुरुआत और दोनों अंतरों की शुरुआत भी बहुत खूबसूरत है.
*गीत के बोल भी संगीत के मूड से मिलते हैं.
**पेरूब जी आप के संगीत में बहुत सफाई है.एक सुझाव है--अगर अंतरे में आलाप भी जोड़ दें तो सोने पे सुहागा हो जाएगा.
अमनदीप कौशल और जोगी सुरेंदर दोनों गायक मंझे हुए लगते हैं. दोनों आवाजों में गहराई है.,सफाई है,कशिश है.
कृपया बताएं कि किसने कौन सा अंतरा गाया है?
ख़ास बात है कि आसानी से जुबान पर चढ़ जाने वाला गीत है.
सजीव जी आप की खोज निराली है ,बधाई.
यह गीत भी आगे की पंक्तिमें रखने लायक है.
पेरूब ,अमनदीप कौशल और जोगी सुरेंदर आप को भी बहुत बधाईयाँ.

Sanjeet Tripathi का कहना है कि -

बहुत खूब!!
एक से एक गाने बने रहे हैं!!
बड़ा अच्छा लग रहा है इस तरह आपका नगीने ढूंढ ढूंढ कर उनसे गवाना और हम सबके सामने लाना।

शुभकामनाएं

tanha kavi का कहना है कि -

बहुत हीं सुंदर गीत है सजीव जी। साथ हीं साथ पेरूब जी, अमनदीप भाई और जोगी भाई की मेहनत भी दिखती है। मुझे यह गीत बहुत पसंद आया।

बधाई स्वीकारें।

-विश्व दीपक 'तन्हा'

shobha का कहना है कि -

सजीव जी
मेहनत तो आप लोगों ने बहुत की है किन्तु अपेक्षित आनन्द नहीं आया ।

रवीन्द्र रंजन का कहना है कि -

अरे वाह, सचमुच बहुत अच्छा गीत है। बधाई स्वीकार करें।

anitakumar का कहना है कि -

हमेशा की तरह ये प्रयास भी प्रंशसनीय्। गायक, संगीतकार, और गीतकार, तीनों एक से बढ़ कर एक्। बहुत जल्द हिन्द युगम बॉलिवुड पर छाया मिलेगा।

sunita yadav का कहना है कि -

गीत के बोल ,लय,गायकों की आवाज़ ....और संगीतकार की मेहनत खूब रंग लाई....
आशा है और कामयाबी मिले ... शुभकामनाओं के साथ

सुनीता यादव

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

बहुत बेहतरीन...मैंने इसे ध्यान से सुना और यह किसी भी अच्छे गाने से तुलना किए जाने लायक बना है...मैं तो सुनने के बाद से ही इसकी पहली line गुनगुना रहा हूँ....आवाज़ उम्दा....

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

पहली बार जब सुना था तो कम पसंद आई थी, लेकिन दुबारा सुना तो अब कम से कम २५ बार से अधिक बार सुन चुका हूँ। गीत के बोल, उसकी गायकी और संगीत तोनों पहले के प्रयासों से बहुत आगे हैं। जबकि सजीव जी का कहना है कि इसके दो संस्करण और बनेंगे तब तो उम्मीद करता हूँ कि यह हिन्द-युग्म का बेहतरीन गीत होगा।

१-२ ज़गह उच्चारण की गलतियाँ हैं, उसे सुधार लिया जाय और अंत को थोड़ी देर तक और गाया जाय।

RAVI KANT का कहना है कि -

हिन्द-युग्म का अब तक का सबसे अच्छा प्रयास।
बहुत पसंद आया।

RAVI KANT का कहना है कि -

हिन्द-युग्म का अब तक का सबसे अच्छा प्रयास।
बहुत पसंद आया।

RAVI KANT का कहना है कि -

हिन्द-युग्म का अब तक का सबसे अच्छा प्रयास।
बहुत पसंद आया।

sahil का कहना है कि -

ravikant जी ठीक कह रहे हैं, अब तक की सबसे जोरदार संगीतमय प्रस्तुति
सभी साथियों को mubarakbaad
आलोक सिंह "साहिल"

sahil का कहना है कि -

ravikant जी ठीक कह रहे हैं, अब तक की सबसे जोरदार संगीतमय प्रस्तुति
सभी साथियों को mubarakbaad
आलोक सिंह "साहिल"

shivani का कहना है कि -

मैं सोच रही हूँ कि हिंद युग्म कितनी ऊंची उड़ान भरने जा रहा है!हिंद युग्म के इस गुलदस्ते का ये सूफियाना गीत बहुत सुंदर फूल बन कर खिला है !अमनदीप जी और सुरेंदर जी की आवाज़ मैं अमन कायम है !गीत के बोल लाजवाब हैं पेरुब जी का संगीत दिल को सुकून देता है !पूरी टीम की मेहनत इस रचना के लिए सराहनीय है !इस सुफिअना गीत की कामयाबी के लिए मैं पूरी टीम को एक बार फिर बधाई और धन्यवाद देती हूँ !

Mrs. Asha Joglekar का कहना है कि -

बहुत ही उम्दा गीत संगीत और शब्द ।पेरूब जी, अमन कौशल,जोगी सुरिंदर और आप सभी को बधाई ।

Anonymous का कहना है कि -

hi myself perub,

mujse jitna bhi ho saka maine isme
aapni taraf se kiya hai ummeed karta hun ki aap sab logo ko pasand aaye ga......

abhi kafi kamiyan hai jo ki sudhaarne layak hain, so main aapne puri koshish karunga ki woh sudhar jayen......

samay ki kami kaaran or mere uppar work load ki wajah se main ise us mukaam tak nahi le ja paaya jahan tak maine socha tha, par jitna bhi kur paya hun usse sawikarne ka or aapne comments rukhne ka uske liye main aap sab ka bahut abhari hun....

isme jo bhi galatiyan hain woh sab meri hain. aur jo aap ko aacha laga hai woh sab mere gurujano ka aashirwad hai.......

Jasmeet का कहना है कि -

Amazing work done by Perub... bahut acchi tarah se present kiya ye gaana..

Aapki puri album kab aa rahi hai perub ji?

Anonymous का कहना है कि -

i like back ground music very much

starting of both antras are amazing

gap music is awesome

i am egarly waiting for the album

good luck perub...

amrita का कहना है कि -

nice job keep it up

perub का कहना है कि -

FIRST SATHAI AND ANTRA IS SUNG BY JOGI SURINDER AND SECOND ANTRA BY AMANDEEP KAUSHAL

perub का कहना है कि -

mujse jitna bhi ho saka maine isme
aapni taraf se kiya hai ummeed karta hun ki aap sab logo ko pasand aaye ga......

abhi kafi kamiyan hai jo ki sudhaarne layak hain, so main aapne puri koshish karunga ki woh sudhar jayen......

samay ki kami kaaran or mere uppar work load ki wajah se main ise us mukaam tak nahi le ja paaya jahan tak maine socha tha, par jitna bhi kur paya hun usse sawikarne ka or aapne comments rukhne ka uske liye main aap sab ka bahut abhari hun....

isme jo bhi galatiyan hain woh sab meri hain. aur jo aap ko aacha laga hai woh sab mere gurujano ka aashirwad hai.......

perub का कहना है कि -

sailesh ji
alpana ji
aur shobha ji
main in sab ke vicharon par zaroor gaur karunga............
ta ki agli baar galati na ho

shashi का कहना है कि -

the song is very touching. gaany ka sangeet bhi kaafi pasand aaya mujhy....baaki sab gaano se thoda alag laga...
all the best .hope u all attain a gr8 success in near future
god bless u

CAROL का कहना है कि -

Ye sufi song koi aam insaan nahee bana sakta,chahe geet ko likhne wala ho ,gaane wala ya sangeetkaar.
but it has a divine quality coming frm the hearts of some very rare people.........
and its saying abt my search..
my pain...and my hurdles......
So its very close to my heart...

hmmm

sufi songs alwaz rock
just go to the depth
and feel the pain
cry if u want
and dance if u can ......
:)

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