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Saturday, January 05, 2008

स्वागत है



स्वागत है
नव वर्ष तुम्हारा
ज्योति पुंज
बनकर आओ
मेरे अन्तर में
छाया जो
सघन तमस
तुम हर जाओ
आँखों को दो
नूतन सपने
उर -उम्मीद
जगा जाओ
गत अतीत की
असफलता का
पीड़ा दर्द
बहा जाओ
देखूँ फिर मैं
स्वर्णिम सपने
मानवता स्थापन के
नए वर्ष में
नईशक्ति से
दो सबको
नूतन सपने
रोक लगादो
दानव पर
मानव को
विजयी बनाओ तुम
स्व से हट कर
पर की सोचें
सबको सुखी
बनाओ तुम
दैन्य -दरिद्रता
दूर भगा दो
विकसित राष्ट्र
बनाऊँ मैं
भूल हृदय की
वैर-विषमता
स्नेह-सुधा
सरसाऊँ मैं
करो प्रेम की
शीतल वर्षा
सबको सुखी
बनाऊँ मैं
जन-जन को
हर्षाऊँ मैं

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14 कविताप्रेमियों का कहना है :

Sushma Garg का कहना है कि -

शोभा जी
शीतल सुखद रस की फुहारे बरसाती कविता के लिये बहुत बहुत बधाई
सुषमा गर्ग

mehek का कहना है कि -

शोभाजी आपकी इस कविता ने मन को
हर्षित,उल्हासित कर दिया,बधाई,
बेहद खूबसूरत भाव है.

Harihar का कहना है कि -

दानव पर
मानव को
विजयी बनाओ तुम
स्व से हट कर
पर की सोचें
सबको सुखी
बनाओ तुम
दैन्य -दरिद्रता
दूर भगा दो

शोभाजी सरस कविता के लिये बधाई

seema gupta का कहना है कि -

"beautifully composed poem" nice one
Regards

रंजू का कहना है कि -

तुम हर जाओ
आँखों को दो
नूतन सपने
उर -उम्मीद
जगा जाओ
गत अतीत की
असफलता का
पीड़ा दर्द
बहा जाओ
देखूँ फिर मैं
स्वर्णिम सपने



बहुत खूब शोभा जी ...आपकी इस रचना ने दिल को छू लिया .!!

श्रीकान्त मिश्र 'कान्त' का कहना है कि -

देखूँ फिर मैं
स्वर्णिम सपने
मानवता स्थापन के
.......

सुन्दर पन्क्तियां ..... धन्यवाद शोभा जी एक अच्छी रचना के लिये

Anonymous का कहना है कि -

Very nice.

sahil का कहना है कि -

शोभा जी, बहुत ही शीतल कविता.
भूल हृदय की
वैर-विषमता
स्नेह-सुधा
सरसाऊँ मैं
बधाई हो
आलोक सिंह "साहिल"

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

मेरे अन्तर में
छाया जो
सघन तमस
तुम हर जाओ
आँखों को दो
नूतन सपने
उर -उम्मीद
जगा जाओ
गत अतीत की
असफलता का
पीड़ा दर्द
बहा जाओ
देखूँ फिर मैं
स्वर्णिम सपने
मानवता स्थापन के
नए वर्ष में
नईशक्ति से
दो सबको
नूतन सपने

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

Alpana Verma का कहना है कि -

'स्नेह-सुधा
सरसाऊँ मैं
करो प्रेम की
शीतल वर्षा
सबको सुखी
बनाऊँ मैं'
बहुत सुंदर कामना की है.

सरल ,सरस अच्छी रचना.

सजीव सारथी का कहना है कि -

सुंदर कामना

sunita (shanoo) का कहना है कि -

बहुत सुन्दर सरल कविता...शोभा जी बहुत अच्छे विचारों से बुनी गई कविता है....

मोहिन्दर कुमार का कहना है कि -

शोभा जी,
सकारात्मक भावभीनी सोच समेटे रचना के लिये बधाई.

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

बढ़िया लिखा है। आपको नव वर्ष की शुभकामनाएँ

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