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Monday, December 24, 2007

सिसकियाँ


बहुत सी साँसें
एक साथ लेने की चाह...
बेहिसाब ख़ुशियाँ
समेटने की कोशिश...
कई बातों के
एक साथ
मुँह से
निकलने की होड़...
कई ख़्वाबों के
टकराकर
बिख़र जाने का नाम...
ख़ुद को
सुलझाने की आस में
और उलझ जाने की
बेबसी...
हालात से
हारते रहने का ख़ौफ़...
पता नहीं
और क्या-क्या ??
पता नहीं
और किन-किन नामों से
सिसकियाँ
छिपाई जाती हैं ??
पता नहीं
और कितने लोग
इसे ख़ामख़ा पालते होगें ?

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17 कविताप्रेमियों का कहना है :

Avaneesh Tiwari का कहना है कि -

एक सरल सुंदर रचना.
अवनीश तिवारी

seema gupta का कहना है कि -

बेहिसाब ख़ुशियाँ
समेटने की कोशिश...
कई बातों के
एक साथ
मुँह से
निकलने की होड़...
कई ख़्वाबों के
टकराकर
बिख़र जाने का नाम...
ख़ुद को
सुलझाने की आस में
और उलझ जाने की
बेबसी...
" dil ko chune walee ek bhut achee kavita"
Regards

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

अभिषेक जी

वाकई, सुन्दर और गहरी रचना बहुत अच्छी लगी..
छू गयी दिल को.. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति दी है..

बधाई स्वीकारें

Alpana Verma का कहना है कि -

'कई ख़्वाबों के
टकराकर
बिख़र जाने का नाम...'

भावों के उथल पुथल की सुलझी कोशिश.

बहुत खूब!

shobha का कहना है कि -

अभिषेक जी
अच्छा लिखा है । बधाई

अजय यादव का कहना है कि -

माफ़ी चाहूँगा अभिषेक जी, रचना मुझे कुछ खास समझ नहीं आई. आपकी कविता जीवन के जिन संघर्षों का बिम्ब खड़ा करती है, वो सभी (विशेषकर पहले दो) सिसकियों के रूप में अभिव्यक्त नहीं हो सकते, ऐसा मेरा मानना है.

मोहिन्दर कुमार का कहना है कि -

अभिषेक जी,

कुछ पाने की खुशी और कुछ खो जाने के गम का दूसरा नाम जीवन है...

सुन्दर रचना है... वधाई

सजीव सारथी का कहना है कि -

वाह अभिषेक भाई जबरदस्त असर छोडती है कविता बहुत बढ़िया बधाई

sahil का कहना है कि -

पाटनी जी बहुत ही सरल और प्यारी कविता है,
बधाई हो
आलोक सिंह "साहिल"

sunita yadav का कहना है कि -

बहुत प्यारी कविता ...छोटी-सी डगर से मंजिल तक पहुँच गयी ...कितनी सहजता है !
सुनीता यादव

गौरव सोलंकी का कहना है कि -

कविता सुन्दर है और भावुक भी करती है।
कुछ हद तक अजय जी से मैं भी सहमत हूं।

anuradha srivastav का कहना है कि -

अच्छा प्रयास है.........

Avanish Gautam का कहना है कि -

अभिषेक जी अभी भी मैं आपकी पिछली कविता पर की गई टिप्पणी पर कायम हूँ. आप में बात है बस आप उसे निकाल नहीं रहे हैं.

RAVI KANT का कहना है कि -

अच्छी रचना।

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

यह सिसकियों पर कविता थी या उसकी परिभाषा? अच्छी कोशिश

mona का कहना है कि -

Excellent poem on emotions. Each and every line is simply great. Hats Off!

Unknown का कहना है कि -

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