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Monday, October 22, 2007

ग़ज़ल


है सख्त हथेली बड़ा दिल जिसका नरम है
उस पर यकीन मानिए मालिक का करम है

लायक नहीं कहलाने के इंसान वो जिसमें
ना सच है ना इमां ना शराफत ना शरम है

एक पत्ता हिलाने की भी ताकत नहीं जिसमें
दुनिया को चलाने का महज़ उसको भरम है

जो चुक गए मजबूर वो सहने को सितम हैं
पर क्यों सहें वो खून अभी जिनका गरम है

महसूस गर किया है तो फिर मान जाओगे
मिटने का अपनी बात पे आनंद परम है

मासूम की मुस्कान में मौजूद है हरदम
तुम उसको ढूढते हो जहाँ दैरो - हरम है

गीता कुरान ग्रन्थ सभी पढ़ के रह गए
"नीरज" ना जान पाये क्या इंसां का धरम है

- यूनिकवि "नीरज गोस्वामी"

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10 कविताप्रेमियों का कहना है :

Anupama का कहना है कि -

its awesome

शोभा का कहना है कि -

नीरज जी
बहुत इन्तजार के बाद कुछ पद!ने को मिला .
धन्यवाद .

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

नीरज जी,

अच्छी गज़ल है। कुछ शेर दमदार हैं मसलन:

जो चुक गए मजबूर वो सहने को सितम हैं
पर क्यों सहें वो खून अभी जिनका गरम है

मासूम की मुस्कान में मौजूद है हरदम
तुम उसको ढूढते हो जहाँ दैरो - हरम है

*** राजीव रंजन प्रसाद

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

Its good.
GazalooN ke niyam palan ka accha prayas hai.
Arth bhi damdar hai.
Badhayee.


Avaneesh

RAVI KANT का कहना है कि -

नीरज जी,
बहुत अच्छा!

लायक नहीं कहलाने के इंसान वो जिसमें
ना सच है ना इमां ना शराफत ना शरम है
*******
मासूम की मुस्कान में मौजूद है हरदम
तुम उसको ढूढते हो जहाँ दैरो - हरम है

ये शेर विशेष पसंद आये।

Manuj Mehta का कहना है कि -

बहुत खूब लिखा है आपने नीरज जी

जो चुक गए मजबूर वो सहने को सितम हैं
पर क्यों सहें वो खून अभी जिनका गरम है

वाह बहुत खूब.

पंकज का कहना है कि -

बिल्कुल ताज़गी लिये हुए है ये गज़ल और मीटर में भी है।
ये शे़र बेहतरीन लगा;
है सख्त हथेली बड़ा दिल जिसका नरम है
उस पर यकीन मानिए मालिक का करम है।

विश्व दीपक का कहना है कि -

मासूम की मुस्कान में मौजूद है हरदम
तुम उसको ढूढते हो जहाँ दैरो - हरम है

गीता कुरान ग्रन्थ सभी पढ़ के रह गए
"नीरज" ना जान पाये क्या इंसां का धरम है

सुंदर गज़ल है नीरज जी। बधाई स्वीकारें।

-विश्व दीपक 'तन्हा'

Reetesh Gupta का कहना है कि -

लायक नहीं कहलाने के इंसान वो जिसमें
ना सच है ना इमां ना शराफत ना शरम है

बहुत खूब...बधाई

गीता पंडित का कहना है कि -

नीरज जी

अच्छी गज़ल है।
धन्यवाद .

बधाई स्वीकारें।

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