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Saturday, April 28, 2007

बैठो मत


तुफान आयेगा कहकर
डरो मत
पंख फैलाओ उड़ जाओ
बैठो मत


बैठने से आकाश कभी
मिलेगा नहीं
उड़े बगैर कुछ पता
चलेगा नहीं


तुषार जोशी, नागपूर


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15 कविताप्रेमियों का कहना है :

रंजू भाटिया का कहना है कि -

सच कहा आपने ..सिर्फ़ सोचने से कब किसी ने असामान को छुआ है ...

Anonymous का कहना है कि -

आपकी कविता अच्छी लगी।
तुषार जी को जन्म दिन की बधाई।

रंजू भाटिया का कहना है कि -

जन्म दिन की बधाई..तुषार जी:):)

Mohinder56 का कहना है कि -

तुषार जी

जन्म दिन की बधाई।
आपकी कविता अच्छी लगी।

Pramendra Pratap Singh का कहना है कि -

अच्‍छी कविता

जन्‍म दिन की हार्दिक शुभकामनाऐं

पंकज का कहना है कि -

बैठने से आकाश कभी
मिलेगा नहीं
उड़े बगैर कुछ पता
चलेगा नहीं

तुषार जी, बात तो आप की सोलहों आने सच है,
लेकिन आप के अन्दाज़-ए-बयाँ में मज़ा नहीं आ पाया।

पंकज का कहना है कि -

अरे हाँ; जन्मदिन की ढेरों शुभकामनायें।
आपको आपका जन्म-दिन बहुत-२ मुबारक़ हो।

Anonymous का कहना है कि -

सच है!

जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाऐं!!!

विश्व दीपक का कहना है कि -

सर्वप्रथम तुषार जी को जन्मदिवस की शुभाकामनाएँ। आपने अपनी रचना में सच हीं कहा है। बैठने से कुछ नहीं मिलता।
एक अच्छी एवं मार्गदर्शक रचना के लिए बधाई स्वीकारें।

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें तुषार जी..

बहुत ही सुन्दर, आशावादी रचना...

*** राजीव रंजन प्रसाद

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

तुषार जी,

आप की लेखनी में कुछ नयापन नहीं आ पा रहा है। आप बारम्बार एक ही तरह की कविता लिखकर पाठकों को निराश कर रहे हैं। जनाब, कविता के कई और आयाम तलाशिए। आप तो कुछ भी लिखेंगे अच्छा ही होगा, मैं चाहता हूँ कि कुछ अन्य विषयों को पकड़ें और यदि आप इसी तरह के भावों को जीवंत करना चाहते हैं तो लिखने के लिए खूब मेहनत करें।

Anonymous का कहना है कि -

Belated happy B'dAy Tusharji.....
sahi kaha hai sochne se nahi karne se badlaav aata hai :)

Gaurav Shukla का कहना है कि -

विलम्ब से ही सही, जन्मदिवस की हार्दिक शुभ कामनायें
कम शब्दों मे गंभीर व्यख्या है तुषार जी
बधाई

सस्नेह
गौरव शुक्ल

सुनीता शानू का कहना है कि -

तुषार जी, आपको जन्म-दिन की शुभ-कामनाएँ,..
सच लिखा है डर कर बैठे रहने से कभी मन्जिल प्राप्त नही होती,..बस इतना ही कहना चाहूँगी कि आप भी जिंदगी के हर तूफ़ान का डट कर मुकाबला करें आपकी कविताएँ आपके गीत आकाश में चारो और फ़ैले आपके जन्म-दिन के अवसर पर यही मेरी शुभ-कामनाएँ है,..देरी से बधाई के लिये माफ़ी चाहती हूँ,..मगर देरी का मुख्य कारण मेरा उपस्थित ना होना ही था।
सुनीता(शानू)

कुमार आशीष का कहना है कि -

उड़े बगैर कुछ पता
चलेगा नहीं
बहुत अच्‍छी बात।

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