फटाफट (25 नई पोस्ट):

Saturday, October 14, 2006

तो कितना अच्छा था!


प्रिय,
न जाने क्यूँ, आज
तुम्हारी स्मृति मुझे बेकल किये जा रही है
याद आ रही है
वो अमराईयों की घनी छाँव
जिसमें मैं बेसुध लेटा था
और तुम
मेरे आर-पार अपनी बाँहों से
इन्द्रधनुष बनाती हुई, मेरे ऊपर झुकी थी
नीले चीर में लिपटी तुम
ऐसा लगता था जैसे
सारा आसमान खींचकर बदन पर लपेट लिया हो
आज बहुत याद आता है वो पल
जब प्रेम के अतिरेक में आकर
मेरे अधरों ने तुम्हारे कपोलों को चूमा था
और फिर
शर्माकर तुम्हारा, मेरे सीने से लिपट जाना
वो दो धड़कनों का महासंगम
वो दो साँसों की सरगम
जो आज भी इन गुँजती स्वरलहरियों में ज़िंदा है
तुम्हारी याद में तिल-तिल के मरता ये दिल
रो-रो के ये ही याद करता है कि
जब रखा तुमने सर अपना
सीने पे मेरे
उस वक्त
ये दम ही निकल जाता तो कितना अच्छा था!


आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

6 कविताप्रेमियों का कहना है :

Pramendra Pratap Singh का कहना है कि -

बहुत खूब ...... मनीष जी

hitendra का कहना है कि -

vaah vaah
bahut badhiya

गिरिराज जोशी का कहना है कि -

नीले चीर में लिपटी तुम
ऐसा लगता था जैसे
सारा आसमान खींचकर बदन पर लपेट लिया हो



यादों को शब्दों का आकार दे रहें हो
भले कोरी कल्पना का
चित्रण कर रहे हों
अभिव्यक्ति लाजवाब है और
उसका चित्रण अदभूद
हर आगन्तुक प्रेम-रस में डुबेगा
निश्चय ही होके मंत्रमुग्ध

शुभकामनाएँ!!!

jeje का कहना है कि -

true religion uk
michael kors outlet
adidas nmd runner
cheap jordans
adidas tubular
adidas nmd r1
air jordan
michael kors handbags
kyrie irving shoes
michael kors outlet online

aaa kitty20101122 का कहना है कि -

led shoes
air jordan shoes
lebron 14
adidas stan smith sneakers
curry 3 shoes
yeezy boost 350
lebron 13
van cleef
cheap jordans
nike air max

adidas nmd का कहना है कि -

kate spade sale
mont blanc outlet
pandora jewelry
ferragamo outlet
michael kors bags
ugg outlet
louis vuitton sacs
michael kors uk
cheap nfl jerseys
minnesota vikings jerseys

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)