जोधपुर से प्रकाशित 16 जून 2008 के दैनिक भास्कर के नागौर पृष्ठ पर हिन्द-युग्म की विस्तृत चर्चा छपी है। हिन्द-युग्म जितना ग्लोबल है उतना ही लोकल भी है। हमारी टीम वास्तविक (जमीनी) और आभसी (कुछ लोग 'इंटरनेटीय' कहते हैं) दोनों तरह की दुनिया में हिन्दी का पताका फहरा रही है।














