फटाफट (25 नई पोस्ट):

कृपया निम्नलिखित लिंक देखें- Please see the following links

कौन बनेगा करोड़पति ?





करोड़पति के सेट पर, हो गया आज बवाल ।
कंप्यूटर स्क्रीन पर, आया गज़ब सवाल ॥
आया गज़ब सवाल जीतकर,फास्टेस्ट फिंगर फस्ट ।
हॉट सीट पर आ गए, नेता जी एक भ्रस्ट ॥
पहला प्रश्न जिताएगा, रुपये पाँच हजार ।
देश में भ्रस्टाचार का , कौन है जिम्मेदार ? ॥
सही जवाब बतलाइए , ऑप्शन ये रहे चार ।
ए) जनता बी) मंत्री सी) नेता डी) सरकार ॥
हम ही नेता, हम ही मंत्री, हमरी ही सरकार ।
जो जनता को लौक किया, चुनाव जाएँगे हार ॥
मंत्री जी पड़ गए सोच में, मदद करे अब कौन।
बोले - विपक्ष के अध्यक्ष को लगाया जाये फोन ॥
तीस सेकंड में हो गई, नोट वोट की डील ।
कुइट किया नेता जी बोले एक्चुली व्हाट आई फील ॥
बिना जवाब के अरबों बनते अपनी वोट - सीट पर।
क्या रखा है "राघव " छोड़ो ऐसी हॉट-सीट पर ॥
झूठे वादे, झूठी क़समें, झूठे दिखा कर सपने ।
वहाँ जनता के वोटिंग पेड्स पर सारे ऑप्शन अपने ॥
कभी कभी बस भाषण बाज़ी, करके तेवर तीखे ।
हो गया आज बवाल, सेट पर करोड़पति के ॥
हो गया आज बवाल, सेट पर करोड़पति के ॥
हो गया आज बवाल, सेट पर करोड़पति के ॥

आश्वासन


मन्त्रीजी स्वर्ग सिधारे
( नरक के बदले )
शायद चित्रगुप्त की भूल
या खिलाया
कम्प्यूटर ने गुल

नकली दया दिखाई थी
वो गई असल के खाते में
रिश्वत खाई वो पैसा गया
दान के एकाउन्ट में

हाय ! कर्मों का लेखा आया
कुछ ऐसे स्वरुप में
घपला ये हुआ कि
मन्त्री की छवि उभरी
सन्त के रूप में

अंधे के हाथ बटेर !
देखा, स्वर्ग में खुले आम
सोमरस बांटती सुन्दरी का नर्तन
वे कह न पाये इसे
पाश्चात्य संस्कृति का वर्तन

गंधर्व, किन्नर सब आये और गये
नहीं लगे अपने से
साकी और जाम
सब लगे सपने से

इच्छा हुई अपना झन्डा गाड़ने की
हूक हुई अब उन्हे भाषण झाड़ने की
अमीर ! गरीब !
पर शब्द हुये विलिन
न कोई अमीर था न कोई गरीब
हिम्मत कर बोले मन्दिर… मस्जिद…
पर सब अर्थहीन

जिबान बन्द रही
बैठे रहे मन मार
मानो काया पर हो रहा
छुरे भालों का प्रहार

अब लाइसेन्स, रिश्वत, घोटाला
सब गया
मानो गरम गरम तेल की
कड़ाही में शरीर झुलस गया

दो यमदूत और चित्रगुप्त अचानक दिखे
मन्त्रीजी उन पर ही बरस पड़े
“ऐसा होता है क्या स्वर्ग ?
नरक से भी बदतर !”

चित्रगुप्त ने जवाब दिया
हँसते हुये -
“कैसा स्वर्ग मत्रींजी ! याद कीजिये आपने
देश के गद्दारो के साथ
पकाई खिचड़ी
आपको तो कुम्भीपाक में पकाया जायगा
आपने जनता से किये थे झूठे वादे
दिये थे आश्वासन
बदले मे यह नरक - स्वर्ग से उल्टा
स्वर्ग का शिर्षासन है
और ये मेनका-उर्वशी की छवियां
स्वर्ग का आश्वासन है ।

- हरिहर झा