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Tuesday, June 04, 2013

ग़लत है न?


अच्छी हो या बुरी?
सही हो या ग़लत?
ज़िन्दगी कैसी भी हो?
हिसाब ग़लत है
दो अधूरे इंसान मिलकर
एक मुक़्क़मल इंसान नहीं बनते
दो अधूरे रास्ते जुड़कर
किसी मंज़िल से नहीं मिलते
ये हिसाब ज़िन्दगी का है
और यहां नियम अलग हैं
एक बार बढ़कर कोई घट नहीं सकता
लेकिन वो बड़ा हो जाए
ऐसा भी ज़रूरी नहीं
यहां एक, एक के बराबर नहीं
यहां एक, एक से जुदा है
जैसे आंकड़े
आईने में अपनी सूरत देखने पर
उलट जाते हैं
ख़ुद ही की नज़र में
और ख़ुद ही हंसते हैं
एक-दूसरे पर
कभी दो संख्याएं ऐसे मिलीं कि अनन्त हो गईं
और कभी ऐसे कि सिफ़र
ये ज़िन्दगी का हिसाब है
और ये हिसाब ग़लत है...ग़लत
डर है इम्तिहान से
क्योंकि नतीज़ा क्या होगा
सबको पता है...
क्योंकि हारते हुए भी
कोई हारना नहीं चाहता

ग़लत है न?

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11 कविताप्रेमियों का कहना है :

renu का कहना है कि -

do adhoore insaan kaise ek ho sakte hain .. ye zindgi ki sachchai hai ... do adhoore raaste bhi kisi manzil ki or nahi le jaate //

shyam Gupta का कहना है कि -

स्त्री-पुरुष सदा ही दो अधूरे इंसान होते हैं और मिलने पर ही पूरे इंसान बनते हैं एक दूसरे को पूर्ण करते हैं ---यह ज़िंदगी की सच्चाई है ----- यह जीव व निर्जीव का अंतर ही ज़िंदगी की अचाई है....इंसान व रास्ते में यही तो अंतर है...

के. सी. मईड़ा का कहना है कि -

इंसान अकेला अधुरा होता है जब तक की की जीवन साथी न मिले ...... !

vaibhav katiyar का कहना है कि -

Sach hi kaha hai aapne

ham poore hokar b adhoore hai
aur adhoore hokar b pord hone ka ahsas karte hai

aur do adhoore raste kise manjile ki or nahi le jate

Jo sach hai ham use nahe mante

galat hai ?

Na

vaibhav katiyar का कहना है कि -

Sir
continue ur lines
n poems

i aalso write lines n poems

but i have no way
that how i post poems at my blog

Manjusha pandey का कहना है कि -

इंसान अपने आप में ही अधूरा है
दो अधूरे इंसान मिल तो सकते पर पूरे नहीं हो सकते -बेहतर रचना

Mukesh का कहना है कि -

bahut sunder rachana.

Mukesh का कहना है कि -
This comment has been removed by the author.
Mukesh का कहना है कि -

काव्यरचना में प्रकाशन हेतु रचनाएं आमंत्रित हैं । इन रचनाओं को पुस्तक के रूप में भी प्रकाशित किया जायेगा । प्रत्येक माह की सर्वोत्तम रचना को पुरस्कृत किया जायेगा | कृपया अपनी रचना kavyarachana21@gmail.com पर ईमेल करें। विजेताओं को उपहारस्वरूप पुस्तकें प्रदान की जा रही हैं... विजेताओं की सूची :http://vijetaa.blogspot.in/

http://www.kavyarachana.com/

Surinder Singh का कहना है कि -

बहुत खूब...

Amrit Anand का कहना है कि -

Bahut khub sir........jeevan ka bilkul sahi aaklan kiya gya hai is rachna me.......kaash ye ganit bhi utni hi saral hoti.....jaha 1 or 1 vakai 1 hote.......

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