नया - नया मौसम है,
महक रहा उपवन है।
सोने जैसी किरणें हैं,
चंचल बहती पवनें हैं।।
ये सब तेरे होने से हैं,
जब तू सामने आती है।
देख कर मन मचलता जाये,
आँखें तुझ पर ही टिक जाये।।
तू जो मेरे पास आये,
तन के रोम-रोम खुल जाये।
देख कर तेरी काली जुल्फें,
दिल को मेरे छूती जाये।।
तेरे ओंठों की लाली,
करती है मुझको मतवाली।
तेरे पायल की छन-छन,
आकर्षित करती है मेरा मन।।
यूँ तेरा रूठ के जाना,
जैसे दिल को लूट के जाना।
देख के तेरी अदाओं को,
दिल चाहे केवल तुझको।।






