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Monday, February 04, 2008

प्रगति मैदान में हुआ 'पहला सुर' का भव्य विमोचन



दिनांक ३ फरवरी २००८ को प्रगति मैदान, नई दिल्ली के हॉल नं॰ ६ के कॉन्फ्रेन्स रूम १ में विश्व पुस्तक मेला २००८ के दौरान हिन्द-युग्म के पहले साहित्यिक-संगीतमयी एल्बम 'पहला सुर' का भव्य विमोचन हुआ। इस विमोचन समारोह में ८० से अधिक दर्शकों ने भाग लिया।

इंटरनेट के सहयोग से बने १० कविताओं व १० संगीतबद्ध गीतों से ओत-प्रोत इस एलबम का विमोचन इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अशोक बाल्यान (एच आर निदेशक, ओ एन जी सी) ने किया।

श्री अशोक बाल्यान के अतिरिक्त इस विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अमित दहिया बादशाह (संस्थापक, देलही पोएट्र), श्री प्रदीप शर्मा (वरिष्ठ उद्‌घोषक, आकाशवाणी), श्री बुद्धिनाथ मिश्र (वरिष्ठ कवि, ओ एन जी सी), श्रीमती रेणु बाल्यान आदि ने पधारकर इस आयोजन की शोभा बढ़ाई।

श्री अशोक बाल्यान ने अपने संभाषण में कहा कि हिन्दी को नई तकनीक से जोड़कर ही इसको आज से जोड़ा जा सकता है, युवाओं से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार से पुस्तकों की महिमा है, उसी तरह इस साहित्यिक अलबम की अपनी महत्ता है।

श्री प्रदीप शर्मा ने आकाशवाणी से इस अलबम के प्रसारण का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि नये कवियों की आवाज़ों तक जन-जन तक पहुँचाने में वो जितने मदद कर सकते हैं, करेंगे।

श्री अमित दहिया ने कविता-पाठ को लिखने-पढ़ने से अधिक महत्व दिया और कहा कि हिन्दी ५ प्रतिशत का सम्मान न बने ८० प्रतिशत का बने, इसके लिए हिन्द-युग्म जैसे युवा समूहों का जन्म आवश्यक है।

कार्यक्रम दोपहर २ बजे से शुरू होकर संध्या ४ बजे तक चला। श्री बुद्धिनाथ मिश्र ने अपनी बूढ़ी काकी पर लिखे गीत को गाकर सबका मन मोह लिया। बुद्धिनाथ मिश्र हिन्द-युग्म की उद्‌घोष पंक्ति 'हिन्दी को खून चाहिए' का समर्थन किया।

हिन्द-युग्म की ओर से गायक-संगीतकार जोड़ी दीपक-कमल ने एक सोलो गीत पेश किया, निमेकरी की।

हिन्द-युग्म की ओर से गौरव सोलंकी, मनीष वंदेमातरम्, शोभा महेन्द्रू और निखिल आनंद गिरि ने काव्य पाठ किया।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन श्री निखिल आनंद गिरि ने श्री मोहिन्दर कुमार की अध्यक्षता में किया।

जो पाठक विश्व पुस्तक मेला जायें, कृपया हिन्द-युग्म के स्टैंड ज़रूर पधारें, जहाँ 'पहला सुर' विक्रय के लिए भी उपलब्ध है।

स्टैंड का पता- हॉल नं॰ १२, स्टैंड नं॰ एस १/१० (वाणी प्रकाशन के स्टॉल के ठीक सामने, एन बी टी के स्टॉल के बगल में)

झलकियाँ :-

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44 कविताप्रेमियों का कहना है :

seema gupta का कहना है कि -

हिन्द-युग्म के पहले साहित्यिक-संगीतमयी एल्बम 'पहला सुर' का भव्य विमोचन पर हिंद युग्म को बहुत बहुत बधाई और आगे के लिए शुभकामनाएं.

Kakesh का कहना है कि -

बधाई जी. मैं भी कल वहाँ था और करीब एक घंटे तक आप लोगों की कविताओं का आनन्द लेता रहा.इस प्रयास के लिये आप सभी धन्यवाद के पात्र हैं.

नीरज गोस्वामी का कहना है कि -

बहुत बहुत बधाई हिंद युग्म की सम्पूर्ण टीम को जिनके अथक प्रयास से ये सम्भव हो पाया. इश्वर युग्म परिवार को और भी अधिक ऊंचाई पर ले जाए ये ही कामना है.
नीरज

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

पूरे टीम को बधाई

अवनीश तिवारी

mehek का कहना है कि -

हिन्दयुगम को पहले सुर के विमोचन के लिए ढेर सारी बधाई.|

Divya Prakash का कहना है कि -

हिंद युग्म का पहला कदम सफल रहा ,मुझे पूरा विश्वास है भविष्य मैं भी हम निरंतर अच्छा करते रहेंगे | निखिल आनंद गिरि , गौरव सोलंकी, शोभा महेन्द्रू और मनीष वंदेमातरम् आप सभी को भी बहुत बधाई |
शैलेश जी आपको विशेष रूप से बधाई , की हम सभी के साझा सपने को आप नित नए आसमान और रंग दे रहे हैं |
काश कि मैं भी वहाँ होता !!
दिव्य प्रकाश

Rajesh Roshan का कहना है कि -

aap sabhi logo ko mubarakbaad. :)

amit का कहना है कि -

बोत-२ बधाई हो जी। अपना यदि जाना हुआ तो हिन्द-युग्म की दुकान पर भी अवश्य तशरीफ़ ले जाएँगे। :)

maithily का कहना है कि -

हिन्द युग्म को हार्दिक बधाई.
कल हम भी मेला खुलते ही वहां पहुंच गये थे. जल्दी लौटने के कारण आपका कार्यक्रम तो न देख पाये पर आपका स्टैन्ड जरूर गये.

आलोक का कहना है कि -

वाह, मुबारक हो, वैसे तस्वीरों में सभी कलात्मक लोग चमचमा रहे हैं :)

संजय बेंगाणी का कहना है कि -

बधाई स्वीकारें.

mahashakti का कहना है कि -

युग्‍म का यह प्रयास एक नई कहानी कहेगा। आने वाले समय में हम निश्चित रूप से सफलता की सीढियों पर चढ़ते रहेगें।

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi का कहना है कि -

अच्छा लगा , भले ही मैं कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में ही पहुंच पाया. कविता पाठ के अंतिम दौर का ही साक्षी बन पाया किंतु आनन्द भरपूर आया. शैलेश, सजीव सारथी,निखिल आनन्द व अन्य सभी.. आप लोग जिस लगन से लगेगी हो, सफलता निश्चित ही आप के कदम चूमने पर मज्बूर होगी. बधाइयां.

हिन्द-युग्म का स्टाल भले ही छोटा है, आने वाले मेलों में छाये रहेंगे आप....

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

नमस्कार,
बधाई देने वालों का शुक्रिया...जो लोग दिल्ली में थे और नहीं आ सके, उनपर मुझे भी अफ़सोस है...हमारे इस तरह के प्रयासों में उन्हें हर हाल में शिरकत करनी चाहिए थी....खुशी की बात ये रही कि कल कार्यक्रम के ठीक बाद हमारी ५० से अधिक सी.डी. हाथों-हाथ बिक गयीं.... बस आप हमसे दिल से जुड़े रहे और जहाँ भी ज़रूरत हो, आर्थिक-नैतिक मदद करते रहे....

निखिल

आलोक शंकर का कहना है कि -

मैं युग्म आज फ़िर परशुराम -सा
यह संकल्प उठाता हूँ
अम्बर ! खाली कर जगह जरा
मैं सूरज नया उगाता हूँ
badhe chalo !

दिनेशराय द्विवेदी का कहना है कि -

बधाई। पहला है तो दूसरा भी होगा, सौवाँ और हजारवाँ भी। ऐसे ही चलता रहे।

तपन शर्मा का कहना है कि -

अभी तो शुरुआत भर ही है। यदि हौंसला रहा, इच्छाशक्ति रही, और कुछ अच्छा कर गुजरने की मंशा हो तो निस्संदेह हम और आगे ही बढ़ते जायेंगे। पर इस बीच शैलेश, निखिल, सजीव जी, सभी कवि, गायक, संगीतकार, कहानीकार या जो भी हिंद युग्म से किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं, वे सभी बधाई के पात्र हैं।
मुझे भी कार्यक्रम के आखिरी १० मिनट में सुनने का मौका मिला। दीपक जी की मिमिक्री और निखिल जी की कविता सुनने को मिली। बहुत अच्छा लगता है ये देख कर कि जो हिंद युग्म चंद गिने चुने लोगों के साथ शुर हुआ था आज उससे जुड़े हुए लोगों की गिनती कर पाना कठिन है। इसका पता लगातार बढ़ रहे प्रतियोगियों से ही लग सकता है। हिंदयुग्म एक अच्छे कार्य के लिये काम कर रहा है, ये उम्मीद रहेगी कि ऐसे ही आगे समाज के प्रति कुछ और अच्छे कदम हमें देखने को मिल सकते हैं।
धन्यवाद,
तपन शर्मा

Alpana Verma का कहना है कि -

हिन्दयुग्म की इस शानदार सफलता par सभी हिन्दी प्रेमियों को ढेरों बधाई .
ईश्वर करे आप आगे भी और सफलताएं पायें.
शुभकामनाएं

Aflatoon का कहना है कि -

हिन्द युग्म को शुभकामना।कार्यक्रम में अ-सरकारी तत्व होते तो ज्यादा असरकारी होता।

surinder का कहना है कि -

aap sabko abadhai, bahut hi achcha pryas aur naye kalakaron ka hausla badega, hindyugm ki sari team ko meri taraf se shubh kamnaye.
Surinder Ratti, Mumbai

SURINDER RATTI का कहना है कि -

HINDYUGM KI SAARI TEAM KO BADHAIYAAN, BHAUT HI SARAHNI KAAM MKIYA HAI NAYE KALAKARON KO BADAVA MILEGA, UNKA HAUSLA BADEGA. AAP SABKO SHUBH KAMNAYEIN.
SURINDER RATTI, MUMBAI

SHUAIB का कहना है कि -

HINDYUGM KO AUR JANAKRI DENE KE LIYE AAPKO BHI SHUBHKAMNAYEN

SHUAIB

Anonymous का कहना है कि -

its good step.. to make the hindyugam known at national level..
best wishes..

Anonymous का कहना है कि -

its good step.. to make the hindyugam known at national level..
best wishes..

Niran का कहना है कि -

I am so happy to see that the cd is released thanx to Sajeeve bhai and the whole team :-)

Kavi Kulwant का कहना है कि -

अति सुंदर.. अनेकानेक बधाइयां एक नई शुरुआत..

आलोक शंकर का कहना है कि -

हैं चकित सारे सितारे,हो गया कवि बावला है
आसमाँ पर इन्कलाबों की फ़सल बोने चला है
ऐ खुदा सूरज़ छुपा ले अपने दामन के तले ,
आँख पर उसकी चमकने आज़ एक दीपक ज़ला है।

Anonymous का कहना है कि -

PEHLA SUR KE VIMOCHAN KI AAPKO BADHAAI, EK ACHCHI SHURUVAT, NAYE KALAKARONA KA HONSLA BHI BADEGA. HINDYUGM KI SARI TEAM KO SHUBH KAMNAYEIN.
SURINDER RATTI, MUMBAI

Manuj Mehta का कहना है कि -

maiane Pehla Sur kai baar suna aur bahut hi khoobsoorat composition hai. khas taur par gayi gai ghazal "Subah jeeta hoon, shaam tak mar jata hoon." bahut hi achhi composition hai.

manuj mehta
surbhi mehta

Tarun का कहना है कि -

bahut bahut badhai ho pehle album ke liye, aur pragati maidan me nayi shuruwat karne ke liye

nesh का कहना है कि -

हिन्द-युग्म के पहले साहित्यिक-संगीतमयी album pe sabko mubark

अनूप भार्गव का कहना है कि -

इस आयोजन और उपलब्धि के लिये बधाई । आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए ही हम हिन्दी को एक बड़े वर्ग तक ले जा पायेंगे ।

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

सीमा जी,

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

काकेश जी,

मैं तो आपसे व्यक्तिगत तौर पर भी मिल चुका हूँ। मैं न आपको देख सका न मिल सका। शायद मैं कार्यक्रम में व्यस्त रहा होऊँगा। आपको तो कम से कम आगे आकर मिलना चाहिए था! खैर आप आये, हमें बहुत खुशी है। आगे भी हिन्दी आयोजनों में आकर उनकी शोभा बढ़ाते रहें।

नीरज जी, अवनीश जी, महक जी, दिव्य जी, राजेश जी, अमित जी बहुत-बहुत शुक्रिया।

अमित जी आपका इंतज़ार रहेगा।

मैथिली जी,

मैं स्टैंड पर नहीं था, नहीं तो आपसे मिलता।

आलोक जी, संजय जी, महाशक्ति जी आपका भी धन्यवाद।

आज हमारा उत्साह कई गुना बढ़ गया है।

अरविन्द जी, आपने हर जगह ५ मिनट के लिए ही सही, आकर हमारा उत्साहवर्धन किया है। बहुत-बहुत धन्यवाद। आगे भी आते रहें।

आलोक शंकर, आपने उपयुक्त पंक्तिया लिखी है।

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

दिनेश जी,

आपका आशीर्वाद मिला तो हज़ारवाँ भी बनेगा।

तपन जी, अल्पना जी,

आपका भी धन्यवाद।

अफलातून जी,

हमने अपनी पहुँच का जितना हो सकता था, इस्तेमाल किया। अगली बार अ-सरकारी तत्व लाकर इसे और असरकारी बनायेंगे। शुभकामनाओं हेतु शुक्रिया।

सुरिन्दर रत्ती जी,

आप तो खुद म्यूजिक कम्पनी से जुड़े हैं, आपका सहयोग रहा तो हम नई बुलंदियाँ छूयेंगे। धन्यवाद।

शोएब जी, बहुत-बहुत शुक्रिया।
अनाम जी, निरन जी, कुलवंत जी, मनुज जी का धन्यवाद।

मनुज जी कीं शरीक-ए-हयात भी आईं, हमें अच्छा लगा और उन्हें अलबम पसंद यह तो और अच्छा लगा। आगे से भी आप ज़रूर आयें।

तरूण जी, नेश जी, अनूप जी,

प्रोत्साहित करने के लिए आप सभी का शुक्रिया।

nesh का कहना है कि -
This post has been removed by the author.
Anupama Chauhan का कहना है कि -

Heartiest Congratulations to all of you

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

हम हिन्द-युग्म का दल-बादल
नहीं केवल गर्जन हेतु यहाँ
अब नई कोपलें फूटेंगी..
हम आये सृजन हेतु यहाँ
साखा साखा पर पुष्प खिलें
दिल मे पाले हैं अभिलाशा
ना रिक्त रहे कोई कोना
हिन्दी हो जन-जन की भाषा
हम तत्पर सेवा मे, सेवक
नही धन के अर्जन हेतु यहाँ
हम हिन्द-युग्म का दल-बादल
नहीं केवल गर्जन हेतु यहाँ

-जय हिन्द जय हिन्दी

रवीन्द्र रंजन का कहना है कि -

हमारी तरफ से भी बधाई स्वीकार करें।

Rama का कहना है कि -

डा. रमा द्विवेदी said...

हिन्द युग्म की पहली सफल उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं

Manish का कहना है कि -

इधर बहुत दिनों से नेट पर आना कम हो गया है। पहला सुर के इतने भव्य विमोचन के लिए सारे कलाकारों और हिन्द युग्म की टीम को हार्दिक बधाई !

Mrs. Asha Joglekar का कहना है कि -

बधाई हो बधाई हिंद युग्म की पूरी टीम को । निरंतर प्रगती पर रहें ।

Gita pandit का कहना है कि -

हमारी भी बहुत बहुत बधाई
" हिंद युग्म " की
सम्पूर्ण टीम को....

Anonymous का कहना है कि -

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"SURE" का कहना है कि -

हिंद-युग्म से जुड़े सभी साहित्यकारों को मेरा प्रेम भरा अभिवादन,प्रबंध कर्ताओं को अनेकानेक मंगल कामनाएँ.आप सब ने हिन्दी के प्रचार प्रसार का जो आन्दोलन चलाया है.वह आज सफलता पूर्वक अपना उद्देश्य प्राप्त कर रहा है.इसी मंच से मैं हिन्दी कविता की उस महान प्रतिभा को अपना प्रेमभरा अभिवादन प्रस्तुत करता हूँ जिन्होंने मेरे जैसे आम पाठक को रास्ता दिखा कर आप जैसी विभूतियों के दर्शन करा दिए ,वो इतना सुंदर लिखते है की उनकी एक एक रचना पठनीय व् संग्रहनीय है ,अभिन्न-कल्पना को साकार करने वाली इस प्रतिभा को इस मंच से एक साहित्य प्रेमी की तरफ़ से अनेकानेक भावःभरे अभिवादन

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